इस बार मारीशस के साहित्यकार रामशरण पर केन्द्रित रहेगी पत्रिका
https://www.shirazehind.com/2014/12/blog-post_391.html
‘अनुसंधान यात्रा’ नामक पत्रिका के सम्पादन मण्डल की हुई बैठक
जौनपुर। ‘अनुसंधान यात्रा’ पत्रिका के सम्पादन मण्डल की बैठक स्थानीय कलेक्टेªट परिसर में स्थित अगस्त क्रांति उद्यान में पत्रिका के सम्पादक डा. ब्रजेश यदुवंशी की अध्यक्षता में हुई जहां सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि पत्रिका का अगला अंक मारीशस के प्रख्यात साहित्यकार प्रहलाद रामशरण पर केन्द्रित होगा। मालूम हो कि श्री शरण को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ ने गत दिवस 2 लाख रूपये के प्रवासी साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित किया है। श्री शरण ने हिन्दी, अंग्रेजी, फ्रैंच भाषा में लेखन किया है। उनकी प्रकाशित पुस्तकों की संख्या 60 से अधिक है। इस मौके पर बताया गया कि सम्पादन मण्डल के सदस्य व टीडीपीजी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुनील विक्रम सिंह ने श्री शरण पर ‘प्रहलाद रामशरण’ मारीशस में हिन्दी साहित्य के अनन्य साधक पुस्तक लिखी है जो आत्माराम एण्ड संस दिल्ली ने वर्ष 2003 में छापी है। अन्त में मण्डल के सदस्य व सल्तनत बहादुर पीजी कालेज बदलापुर के एसोसिएट प्रोफेसर डा. धीरेन्द्र पटेल ने बताया कि अनुसंधान यात्रा के इस विशेषांक हेतु देश-विदेश से साहित्यकारों के लेख एवं शोध पत्र की स्वीकृति काफी संख्या में मिल चुकी है। इस अवसर पर मण्डल के तमाम सदस्य उपस्थित रहे। अन्त में सम्पादक डा. यदुवंशी ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जौनपुर। ‘अनुसंधान यात्रा’ पत्रिका के सम्पादन मण्डल की बैठक स्थानीय कलेक्टेªट परिसर में स्थित अगस्त क्रांति उद्यान में पत्रिका के सम्पादक डा. ब्रजेश यदुवंशी की अध्यक्षता में हुई जहां सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि पत्रिका का अगला अंक मारीशस के प्रख्यात साहित्यकार प्रहलाद रामशरण पर केन्द्रित होगा। मालूम हो कि श्री शरण को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ ने गत दिवस 2 लाख रूपये के प्रवासी साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित किया है। श्री शरण ने हिन्दी, अंग्रेजी, फ्रैंच भाषा में लेखन किया है। उनकी प्रकाशित पुस्तकों की संख्या 60 से अधिक है। इस मौके पर बताया गया कि सम्पादन मण्डल के सदस्य व टीडीपीजी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुनील विक्रम सिंह ने श्री शरण पर ‘प्रहलाद रामशरण’ मारीशस में हिन्दी साहित्य के अनन्य साधक पुस्तक लिखी है जो आत्माराम एण्ड संस दिल्ली ने वर्ष 2003 में छापी है। अन्त में मण्डल के सदस्य व सल्तनत बहादुर पीजी कालेज बदलापुर के एसोसिएट प्रोफेसर डा. धीरेन्द्र पटेल ने बताया कि अनुसंधान यात्रा के इस विशेषांक हेतु देश-विदेश से साहित्यकारों के लेख एवं शोध पत्र की स्वीकृति काफी संख्या में मिल चुकी है। इस अवसर पर मण्डल के तमाम सदस्य उपस्थित रहे। अन्त में सम्पादक डा. यदुवंशी ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

