पूविवि : मूल्यांकन में दोषियों को चेतावनी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की मंगलवार को तीन घंटे चली अहम बैठक में कोडिंग-डिकोडिंग मामले में जांच समिति ने लापरवाही मानते हुए भविष्य में कड़ी निगरानी कराने का फैसला लिया। सन् 2014 की मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन केंद्र मैकेनिकल में गड़बड़ी करने वाले दो परीक्षकों को दोषी मानते हुए समिति ने कड़ी फटकार व चेतावनी के बाद छोड़ दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल ने बीकाम तृतीय के वर्ष 2013 के छात्र रजनीश पांडेय के प्रकरण का निस्तारण कर परीक्षाफल पूर्ण कराने का फैसला लिया। जबकि पीएचडी छात्रा साधना दूबे के मामले में आरडीसी को पुन: भेजे जाने का निर्णय लिया। परीक्षा समिति ने एलएलबी के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों को 75 के बजाय 100 उत्तर पुस्तिका देने पर अपनी सहमति पर यूएफएम कमेटी की संस्तुति पर आठ कालेजों को परीक्षा केंद्र न बनाने व केंद्राध्यक्षों को तीन वर्ष के लिए निष्कासित करने के मामले को पुन: यूएफएम कमेटी को भेजे जाने का फैसला हुआ।
पूविवि परीक्षा समिति ने कैम्पस के फार्मेसी विभाग के प्रथम व चौथे वर्ष के छात्रों की विशेष परीक्षा कराए जाने पर अपनी सहमति प्रदान की। भारती महिला पीजी कालेज जौनपुर की मुख्य परीक्षा 2014 के बीए द्वितीय वर्ष की संगीत प्रथम प्रश्नों में फेल छात्रों को श्रेणी सुधार परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है लेकिन शर्त यह होगी कि छात्र मात्र एक ही विषय में फेल हों।
बैठक में कुलसचिव वीके पांडेय, प्रो.डीडी दुबे, बीबी तिवारी, इश्तियाक अहमद, शिव शंकर सिंह, अनिल कुमार सिंह, अनिल प्रताप सिंह, डा.एचसी पुरोहित, डा.पीके सिंह कौशिक, जगदम्बा मिश्र, एमएम भट्ट आदि उपस्थित रहे।

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