मेरे पति के छवि को धूमिल करके असलहे का लाईसेंस और गनर लेना चाहते है संतोष सोलंकी : बबिता सिंह
https://www.shirazehind.com/2015/10/blog-post_388.html
जौनपुर। वार्ड नम्बर 68 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित प्रत्यासी संतोष सोलंकी द्वारा अपने विरोधियो पर लगाये गये सारे आरोपो को एक सिरे से खारिज करते हुए वर्तमान जिला पंचायत सदस्य व प्रत्यासी बबिता सिंह ने उन पर पलटवार करते हुए शिराज ऐ हिन्द डाॅट को लिखित रूप से बताया कि मेरे पति बेहद इमानदार और स्वच्छ छवि के है जिसके कारण मेरे पति को जनता चुनकर पहलीबार जिला पंचायत सदस्य बनायी थी उसके बाद यह सीट महिला सुरक्षित होने के कारण मेरी सास को जनता ने चुना था तीसरी बार जनता ने मुझ पर भरोषा करके मुझे जिला पंचायत सदस्य बनायी थी। इस बार फिर मै जनता की मांग पर चुनाव लड़ी हूं और जनता मुझे अपना जनमत दिया है। मेरे पति की लोक प्रियता को बदनाम करने के लिए मेरे विरोधी प्रत्यासी झूठा और मनगढ़त आरोप लगा रहे है। जबकि आरोप लगाने वाला खुद आपराधी और भू माफिया है।
बबिता सिंह ने बताया कि मेरे पति सर्वेश सिंह एडवोकेट 1994 में दुर्भाग्य से एक्सिडेंटल आपराध के शिकार हुए जिसमे मेरे पति को माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत मिली हुई है। यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। बबिता ने पूरे दावे के साथ कहा कि उसके बाद से मेरे पति के ऊपर जौनपुर समेत पूरे देश किसी थाने में एक एनसीआर तक दर्ज नही है। मेरे पति आपराध में कत्तई विश्वास नही करते है वे दीवानी न्यायालय स्थायी मेम्बर है।
सहज सरल और ईमानदार छवि होने के कारण जनता उन्हे पहली बार सन् 2000 में भारी बहुमत से जिला पंचायत सदस्य चुना था 2005 में यह सीट महिलाओ के लिए सुरक्षित कर दिया गया जिसके कारण जनता उनकी माता कमला देवी को जिला पंचायत सदस्य चुना 2010 पंचायत चुनाव में जनता मुझे चुना। एक बार फिर जनता की मांग पर मै चुनाव लड़ी हूं जनता ने मुझ पर फिर से भरोषा करके वोट दिया है।
बबिता ने कहा कि मेरे विरोधी प्रत्यासी संतोष सिंह सोलंकी मेरे पति की छवि को धूमिल करने के लिए यह झूठा आरोप लगाकर असलहे का लाईसेंस और गनर प्राप्त करना चाहते है।
बबिता ने कोर्ट में चल रहे मुकदमे का हवाला देते हुए कहा कि सन् 1985/ 86 में कोयले की कालाबारी को लेकर संतोष सिंह सोलंकी और महरूपुर गांव के निवासी महेन्द्र कुमार सिंह के बीच जगदीशपुर चैराहे पर मारपीट और गोली चली थी। जिसमे उनके ऊपर धारा 307 का मुकदमा दर्ज हुआ था ै। संतोष का मुख्य व्यापार भू माफियगिरी है। संतोष के ऊपर कागजो में हेराफेरी करके एक ही जमीन को अलग अलग चैहदी देकर अलग अलग तिथियों रजिस्ट्री कराने का मामला गौरीशंकर सिंह अहमदपुर के बीच चकबंदी में चल रहा है। उसी नम्बर में हरिगोविंद सिंह इण्टर कालेज की जमीन है।
संतोष सिंह सोलंकी द्वारा पिछले चुनाव में बसपा सांसद के दबाव में चुनाव जिताने के आरोप पर बबिता ने कहा कि चुनाव कराना और मतगणना कराना चुनाव आयोग का काम है। यदि इस पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है तो यह तो चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया गया है। मै तो पिछली बार भी चुनाव आयोग पर भरोषा की थी इस बार चुनाव आयोग पर मुझे पूरा भरोषा है।
उधर आशुतोष सिंह जमैथा ने संतोष द्वारा लगाये आरोप पर कहा कि यह मामला हमारे छात्र जीवन का है फिलहाल मामला न्यायालय में चल रहा है।
बबिता सिंह ने बताया कि मेरे पति सर्वेश सिंह एडवोकेट 1994 में दुर्भाग्य से एक्सिडेंटल आपराध के शिकार हुए जिसमे मेरे पति को माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत मिली हुई है। यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। बबिता ने पूरे दावे के साथ कहा कि उसके बाद से मेरे पति के ऊपर जौनपुर समेत पूरे देश किसी थाने में एक एनसीआर तक दर्ज नही है। मेरे पति आपराध में कत्तई विश्वास नही करते है वे दीवानी न्यायालय स्थायी मेम्बर है।
सहज सरल और ईमानदार छवि होने के कारण जनता उन्हे पहली बार सन् 2000 में भारी बहुमत से जिला पंचायत सदस्य चुना था 2005 में यह सीट महिलाओ के लिए सुरक्षित कर दिया गया जिसके कारण जनता उनकी माता कमला देवी को जिला पंचायत सदस्य चुना 2010 पंचायत चुनाव में जनता मुझे चुना। एक बार फिर जनता की मांग पर मै चुनाव लड़ी हूं जनता ने मुझ पर फिर से भरोषा करके वोट दिया है।
बबिता ने कहा कि मेरे विरोधी प्रत्यासी संतोष सिंह सोलंकी मेरे पति की छवि को धूमिल करने के लिए यह झूठा आरोप लगाकर असलहे का लाईसेंस और गनर प्राप्त करना चाहते है।
बबिता ने कोर्ट में चल रहे मुकदमे का हवाला देते हुए कहा कि सन् 1985/ 86 में कोयले की कालाबारी को लेकर संतोष सिंह सोलंकी और महरूपुर गांव के निवासी महेन्द्र कुमार सिंह के बीच जगदीशपुर चैराहे पर मारपीट और गोली चली थी। जिसमे उनके ऊपर धारा 307 का मुकदमा दर्ज हुआ था ै। संतोष का मुख्य व्यापार भू माफियगिरी है। संतोष के ऊपर कागजो में हेराफेरी करके एक ही जमीन को अलग अलग चैहदी देकर अलग अलग तिथियों रजिस्ट्री कराने का मामला गौरीशंकर सिंह अहमदपुर के बीच चकबंदी में चल रहा है। उसी नम्बर में हरिगोविंद सिंह इण्टर कालेज की जमीन है।
संतोष सिंह सोलंकी द्वारा पिछले चुनाव में बसपा सांसद के दबाव में चुनाव जिताने के आरोप पर बबिता ने कहा कि चुनाव कराना और मतगणना कराना चुनाव आयोग का काम है। यदि इस पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है तो यह तो चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया गया है। मै तो पिछली बार भी चुनाव आयोग पर भरोषा की थी इस बार चुनाव आयोग पर मुझे पूरा भरोषा है।
उधर आशुतोष सिंह जमैथा ने संतोष द्वारा लगाये आरोप पर कहा कि यह मामला हमारे छात्र जीवन का है फिलहाल मामला न्यायालय में चल रहा है।

