मछलीशहर में आरओ ने की मनमानी, एक मत से जीत घोषित कर दे दिया प्रमाण पत्र
https://www.shirazehind.com/2015/12/blog-post_894.html
पीडि़त प्रत्याशी ने डीएम, प्रेक्षक सहित राज्य निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत
जौनपुर। जनपद के मछलीशहर विकास खण्ड क्षेत्र के छाछो गांव के प्रधान पद का चुनाव परिणाम तूल पकड़ लिया, क्यांेकि वैध को अवैध मत करार देने की शिकायत जिलाधिकारी से लेकर प्रेक्षक व राज्य निर्वाचन आयोग से कर दी गयी। प्रधान पद के प्रत्याशी रमाशंकर शुक्ल के अनुसार मतगणना के दौरान 283-283 मत दो प्रत्याशी को मिला जहां 3 बार गणना करने पर भी स्थिति यथावत् रही। ड्रा के माध्यम से विजेता का चुनाव करने का निर्णय लिया जा रहा था जिसे प्रार्थी ने स्वीकार किया किन्तु विरोधी प्रत्याशी इस बात को न मानते हुये बाहर चला गया और समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राज नारायण बिन्द को लेकर आया। आरोप है कि इसके बाद आरओ ने चैथी बार गणना शुरू कराया जिसमें प्रार्थी एक मत अवैध करार देते हुये विपक्षी अरूण गुप्ता को एक मत से आगे कर दिया गया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गयी तो सीआरओ ने तत्काल परिणाम रोकने व खुद आने की बात कही लेकिन आरओ ने परिणाम घोषित करते हुये प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कुल मिलाकर उक्त प्रकरण में आरओ की भूमिका संदिग्ध है जिसकी जांच कराते हुये पुनः मतगणना करवाने की कृपा की जाय, ताकि न्याय हो सके। वहीं इसको लेकर जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म है जहां लोगों द्वारा यह कहा जा रहा है कि इस चुनाव में भी सत्ता पक्ष का काफी बोलबाला नजर आया।
जौनपुर। जनपद के मछलीशहर विकास खण्ड क्षेत्र के छाछो गांव के प्रधान पद का चुनाव परिणाम तूल पकड़ लिया, क्यांेकि वैध को अवैध मत करार देने की शिकायत जिलाधिकारी से लेकर प्रेक्षक व राज्य निर्वाचन आयोग से कर दी गयी। प्रधान पद के प्रत्याशी रमाशंकर शुक्ल के अनुसार मतगणना के दौरान 283-283 मत दो प्रत्याशी को मिला जहां 3 बार गणना करने पर भी स्थिति यथावत् रही। ड्रा के माध्यम से विजेता का चुनाव करने का निर्णय लिया जा रहा था जिसे प्रार्थी ने स्वीकार किया किन्तु विरोधी प्रत्याशी इस बात को न मानते हुये बाहर चला गया और समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राज नारायण बिन्द को लेकर आया। आरोप है कि इसके बाद आरओ ने चैथी बार गणना शुरू कराया जिसमें प्रार्थी एक मत अवैध करार देते हुये विपक्षी अरूण गुप्ता को एक मत से आगे कर दिया गया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गयी तो सीआरओ ने तत्काल परिणाम रोकने व खुद आने की बात कही लेकिन आरओ ने परिणाम घोषित करते हुये प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कुल मिलाकर उक्त प्रकरण में आरओ की भूमिका संदिग्ध है जिसकी जांच कराते हुये पुनः मतगणना करवाने की कृपा की जाय, ताकि न्याय हो सके। वहीं इसको लेकर जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म है जहां लोगों द्वारा यह कहा जा रहा है कि इस चुनाव में भी सत्ता पक्ष का काफी बोलबाला नजर आया।

