टीचरो पर बदसलूकी, अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतरे पूर्वाचंल विश्वविद्यालय के छात्र
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जौनपुर। हमेशा चर्चाओ में रहने वाला वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय आज एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। यहां के इंजिनियरिंग कालेज के छात्र तीन शिक्षको पर बदसलूकी, अभद्रता और गुण्डागर्दी करने का आरोप लगाते हुए हड़ताल पर चले गये है। छात्र-छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक ये तीनो टीचर हटाये ने जाते है तब तक हम लोग क्लास नही करेंगे। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रो के सारे आरोपो को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हाल में ही आये रिजर्ट में नम्बर कम पाने वाले छात्रो का यह खण्डयंत्र है।
सड़क पर उतरकर हगांमा नारेबाजी कर रहे ये लोग वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय के इंजिनियरिंग कालेज छात्र-छात्राएं है। इनका आरोप है कि हमारे कालेज तीन टीचर अरविन्द कुमार प्रमोद कुमार और अवधेश कुमार अभद्रता बदसलूकी और गुण्डागर्दी करते है। साथ में परीक्षा में नम्बर कम देने की धमकी बराबर देते है। छात्रो ने यह भी आरोप लगाया कि ये तीनो शिक्षक पढ़ाने का नाम नही लेते है। सभी लैब बंद रहते है। ऐसी स्थिति में हम लोग पढ़ाई नही कर सकते है। छात्रो ने साफ कहा कि जब तक ये तीनो टीचर हटाये नही जाते है तब तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा।
उधर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रो के सारे आरोपो को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पहले कभी नही आयी परीक्षा परीणाम आने के बाद जिस छात्र को नम्बर कम मिला है वही लोग इस आन्दोलन की अगुवाई कर रहे है। चीफ प्राक्टर डा0 रजनीश भाष्कर ने कहा कि अगर किसी छात्र के साथ भेदभाव हुआ है तो वह लिखित शिकायत करे तो विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
सड़क पर उतरकर हगांमा नारेबाजी कर रहे ये लोग वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय के इंजिनियरिंग कालेज छात्र-छात्राएं है। इनका आरोप है कि हमारे कालेज तीन टीचर अरविन्द कुमार प्रमोद कुमार और अवधेश कुमार अभद्रता बदसलूकी और गुण्डागर्दी करते है। साथ में परीक्षा में नम्बर कम देने की धमकी बराबर देते है। छात्रो ने यह भी आरोप लगाया कि ये तीनो शिक्षक पढ़ाने का नाम नही लेते है। सभी लैब बंद रहते है। ऐसी स्थिति में हम लोग पढ़ाई नही कर सकते है। छात्रो ने साफ कहा कि जब तक ये तीनो टीचर हटाये नही जाते है तब तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा।
उधर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रो के सारे आरोपो को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पहले कभी नही आयी परीक्षा परीणाम आने के बाद जिस छात्र को नम्बर कम मिला है वही लोग इस आन्दोलन की अगुवाई कर रहे है। चीफ प्राक्टर डा0 रजनीश भाष्कर ने कहा कि अगर किसी छात्र के साथ भेदभाव हुआ है तो वह लिखित शिकायत करे तो विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

