रामचरितमानस में समाहित है सभी ग्रंथों का सारः दिनेश मिश्र
https://www.shirazehind.com/2016/04/blog-post_12.html
जौनपुर। मानस प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में नगर पालिका के टाउन हाल के मैदान पर चल रहे मानस सम्मेलन के चतुर्थ दिन प्रवचन करते हुये मानस दिनकर दिनेश मिश्र ने कहा कि रामचरितमानस में समस्त ग्रंथों का सार समाहित है। इसकी एक चैपाई ही मनुष्य के जीवन में परिवर्तन ला देती है। आज धर्म के नाम पर पाखण्ड किया जा रहा है जिससे बचने की आवश्यकता है। इसी क्रम में मऊ से पधारे ज्ञानचन्द द्विवेदी ने केवट प्रसंग की चर्चा करते हुये कहा कि क का अर्थ ब्रह्म एवं वट का अर्थ विश्वास से है। कार्यक्रम का संचालन राजाराम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर चन्द्रपाल सिंह, ईश्वर चन्द लाल, जेपी गुप्ता, जगदीश गाढ़ा, राम आसरे साहू, डा. डीपी गुप्ता, शिवानन्द मिश्र, श्याम सुन्दर मिंगलानी, राकेश जी, आशुतोष जायसवाल, इं. विजय जायसवाल, सत्य प्रकाश गुप्त, सुरेन्द्र जायसवाल, रमेश चन्द्र उपस्थित रहे।

