श्री एस एम् मासूम महज जिव्हा से नही अपितु कर्म के द्वारा काम करते हैं |... डॉ पवन विजय
https://www.shirazehind.com/2016/05/blog-post_1.html
रामचरित मानस में एक जगह दुनिया भर के लोगों का वर्गीकरण किया गया है. जिसमे पहली श्रेणी में वो लोग है जो करनी में विश्वास करते है दूसरी श्रेणी में वो लोग है जो कहने और उसे करने की कोशिश करते है . तीसरी श्रेणी में लबार लोग आते है जो चिल्ल पों मचाने जिंदाबाद मुर्दाबाद गप्प हांकने अपनी बडाई करने में मशगूल रहते है|
यह जौनपुर का सौभाग्य है कि उनके पास सैय्यद मोहम्मद मासूम जैसा पहली श्रेणी का शख्स है जो बिना परिणाम की चाह किये अपने कर्म में रत है. मासूम भाई ने साबित कर दिया कि अमन का पैगाम महज जिव्हा से नही अपितु कर्म के द्वारा सही तरीके से दिया जा सकता है.|
अपने जौनपुर प्रवास के दौरान वो अपना समय वहाँ की सामाजिक समस्याओं से जुड़ के काम करने में , और सोशल मीडिया पे प्रति लोगों को जागरूक करने पे लगाया करते हैं जौनपुर यहाँ की प्रतिभाओं और यहाँ के इतिहास के लिए जो उन्होंने काम किया अपने आपमें एक मिसाल है | उनकी वेसाईट हमारा जौनपुर और जौनपुर सिटी बहुत की चर्चित वेसाईट है |
Dr Pawan Vijay
(Blogger from jaunpur)
Pachua Pavan
Hari Dharti
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