नर्सरियों में पौधों की खरीद जोरों पर
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जौनपुर। मानव प्रकृति प्रेमी है। इसका उदाहरण उसके द्वारा घर, लान और ड्राइंग रूम में लगाये गये विभिन्न प्रकार के पौधे हैं। बरसात का मौसम है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पर्यावरण के प्रति लगाव, फूल और फल पाने की प्रत्याशा में वन विभाग की नर्सरियों तथा खुले बाजार से पौधे खरीदने वालों की कमी नहीं है। इस समय पौध रोपण का उपयुक्त समय है। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे पौधों की दुकानों पर खरीददार महिला व पुरूषों का पहुंचना लगा हुआ है। शहर के लोग अनेक प्रकार के फूलांे और सजावटी तथा आकर्षक दिखने वाले पौधे खरीद रहे है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग विभिन्न प्रकार के फलों आम, अमरूद, कटहल, अनार आदि पौधों को खरीद कर ले जा रहे है। दुकानदार बताते हैं कि फलों के पेड़ लगाने के लिए पहले से गढ्ढा खोदकर उसमें गोबर और खरपतावर डाल देना चाहिए। इसके दो सप्ताह बाद पौध रोपड़ कर समय समय पर पानी देते रहना चाहिए। जानवरों से उसे बचाने के लिए पेड़ के चारो ओर ईट तथा जाली से घेर देना चाहिए। पौध रोपड़ ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सर्वाधिक करा रहें हैं। उन्हे न तो नेताओं और अधिकारियों की तरह दिखावे के लिए फोटो खिचवानें का शौक नहीं रखते वे वास्तव में प्रकृति संरक्षण में अपनी भूमिका निभाते है।

