सत्ताधारी दल के नेताओं की बातों को नजर अंदाज करना पड़ा एसपी को महंगा
https://www.shirazehind.com/2016/07/blog-post_793.html
जौनपुर। जिले में सत्ताधारी नेताओं के फरमान न पूरा करने वाले पुलिस अधीक्षक को यहां ज्यादा दिन रहने नही दिया जाता । इससे जनप्रतिनिधियों के शाख पर बट्टा लगता है और उनकी दबंगई पर प्रशन चिन्ह लगने लगता है। जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर पाते और विकास तथा मूल भूत सुविधाओं को नजर अंदाज करते हुए तबादले में अपनी ताकत झोंक देते हैं। यही हाल पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय हुआ और उन्हे जाना पड़ा। इस तेज तर्रार पुलिस अफसर ने अपनी तैनाती के बाद अपराधियों और लापरवाह पुलिस जनों में कार्यवाही करने में कोई कोताही नहीं की और सत्ताधारी दल के नेताओं की बेजा बातों को नजद अंदाज किया अवैध कब्जे नहीं होने दिया थानेदारों पर लगाम लगायी तो उसका उन्हे खामियाजा भुगतना पड़ा। एसपी की अलग और निष्पक्ष कार्यप्रणाली के लिए वे जनता में लोकप्रिय होने लगे। थानों में मुकदमें दर्ज किये जाने लगे। अवैध शराब और गांजे की विक्री पर रोक लगायी गयी। रात में गश्त होने लगा और बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था जब पटरी पर आने लगी तो सत्ता के नशे के चूर नेताओं को यह अखरने लगा तो शासन में दबाव बनाकर उन्हे हटाने का काम किया। नेताओं की इस करतूत की निंदा करते हुए लोगों ने कहा कि इस जिले में काम करने वाले नहीं फरमान को पूरा करने वाला पुलिस कप्तान ही टिक सकता है। आम लोगों का कहना है कि जिले की कानून व्यवस्था को पुलिस कम नेता अधिक चैपट करते हैं।

