परमात्मा की प्राप्ति का साधन सद्गुरू
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जौनपुर। लाइन बाजार क्षेत्र के कलावती कुन्त कालोनी में तथा मड़ियाहूं पड़ाव स्थित निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में दिल्ली से आये केन्द्रीय प्रचारक पंण्डित गफ्फार खान ने कहा कि निरंकार परमात्मा को जानने के समय के सद्गुरू के चरणों में बैठकर नहीं करता तब तक श्रद्धालु बना रहता है तब उसकी भक्ति की शुरूआत होती है। उन्होने कहा कि शास्त्रों एवं पीर पैगम्बरों का कहना है कि मनुष्य जन्म बड़े भाग्य से होता है। बड़े भाग्य से यदि मनुष्य योनि में पैदा होने से नहीं बल्कि उसके लक्ष्य के उपलब्धि के साथ जुड़ी है। जिसके लिए मनुष्य का जन्म मिला है। संत हमेशा निरंकार परमात्मा की जानकारी करने के लिए ही प्रेरित करते हैं। वे जाति पाति मजहब आश्रय व पद से ऊपर उठकर सभी को एक समान समझते हैं। उन्होने पुरातन सन्त और महात्माओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कबीरदास, रविदास, आदि ने अपने समय में संसार को भक्ति का जो संदेश दिया। वही संदेश आज सद्गुरू वही आज के सद्गुरू दे रहे हैं। सतवीर दिवाना, जितेन्द्र यादव, निशा खान, जेएन पाण्डेय, श्याम लाल साहू, वशिष्ठ नारायण पाण्डेय, राजेश प्रजापति, लालमनि यादव, राम बचन यादव आदि मौजूद रहे। संचालन उदय नारायण जायसवाल ने किया।

