सर्राफा एसोसिएशन जौनपुर की नयी कार्यकारिणी को लेकर मचा बवाल!
https://www.shirazehind.com/2016/08/blog-post_282.html
जौनपुर। सर्राफा एसोसिएशन जौनपुर की गठित नयी कार्यकारिणी को लेकर बवाल उठ खड़ा हो गया है। इसको लेकर एसोसिएशन के एक धड़ ने ही कुछ लोगों पर मनमानी व संविधान के अनुरूप चुनाव कराने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, उन लोगों पर एसोसिएशन को अपनी जागीर समझने तक का भी आरोप लगाया जा रहा है। नयी कमेटी को अवैध ठहराते हुये एसोसिएशन के सभी पौने 3 सौ सदस्यों के बीच सर्वसम्मत से नया चुनाव कराने की मांग उठ गयी है। इसको लेकर जनपद के सर्राफा व्यवसाइयों सहित अन्य लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
मालूम हो कि बीते 4 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार संरक्षक दिनेश सेठ के कसेरी बाजार स्थित प्रतिष्ठान पर सर्राफा एसोसिएशन की बैठक हुई जहां अध्यक्ष विनय बरौतिया ने सर्वसम्मत से अपनी नयी कार्यकारिणी गठित करके घोषणा कर दिया। घोषणा के अनुसार अनुसार उमाशंकर सेठ, अमर बहादुर सेठ, निरंजन वर्मा, विवेक सेठ मोनू, राधेश्याम सेठ उपाध्यक्ष, मधुसूदन बैंकर महामंत्री, संजय माहेश्वरी, नीरज साहू, संदीप सेठ, अनिल साहू, कन्हैया सेठ मंत्री, राजकुमार सेठ कोषाध्यक्ष, राजू सेठ आय-व्यय निरीक्षक, संजय साहू एडवोेकेट कानूनी सलाहकार, अनिल सेठ संगठन मंत्री, आलोक सेठ, राजेन्द्र प्रसाद सेठ प्रवक्ता, अजीत सोनी मीडिया प्रभारी और संतोष सेठ सूचना मंत्री बनाये गये हैं। इसके अलावा तमाम लोग कार्यकारिणी सदस्य बनाये गये। अन्दर की बातों पर गौर किया जाय तो नयी कार्यकारिणी में कई पदाधिकारी व सदस्य ऐसे हैं जो बैठक में उपस्थित ही नहीं थे।
इसी के विपरीत 7 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नगर के हनुमान घाट गली में स्थित राधाकृष्ण मन्दिर पर संस्था के वरिष्ठ सदस्य दयाराम सेठ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संरक्षण मण्डल द्वारा संविधान के विरूद्ध मनमानी ढंग से नयी कार्यकारिणी की घोषणा को अवैध ठहराते हुये इस कृत्य की निन्दा की गयी। निष्पक्ष ढंग से संविधान के अनुरूप चुनाव कराने की मांग करते हुये कार्यवाहक अध्यक्ष वंशीधर वर्मा ने कहा कि विगत कई वर्षों से एसोसिएशन को कुछ लोग अपनी सम्पत्ति समझकर मनमानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अपना निर्णय सदस्यों पर थोप करके एसोसिएशन को कमजोर बनाने का भी कार्य कर रहे हैं। सुनील सेठ ने कहा कि एसोसिएशन का चुनाव सभी सदस्यों के मताधिकार द्वारा होना चाहिये जो संविधान में वर्णित है। सुनील बैंकर ने कहा कि सर्राफा कमेटी का अध्यक्ष/महामंत्री का पद बहुत गरिमापूर्ण व संघर्षशील है। ये दोनों पद संस्था का एक मजबूत पद होता है जो पूरे जिले का कार्यभार देखता है, इसलिये इसका चयन नहीं चुनाव होना चाहिये। अजीत सोनी ने नयी कार्यकारिणी के घोषणा की आलोचना करते हुये कहा कि सर्राफा सदस्यों को मताधिकार से वंचित करना संविधान विरूद्ध है। आलोक सेठ ने संविधान के अनुरूप निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने की मांग किया। अंत में दयाराम सेठ ने कहा कि सर्राफा व्यवसायियों के ऊपर कोई निर्णय थोपा नहीं जाना चाहिये। इस अवसर पर राधेश्याम सेठ, अनिल सेठ, रविन्द्र सेठ, देवी लाल सेठ, मोनू सेठ, कृष्ण कुमार सेठ, तुलसी दास सेठ, पप्पू बैंकर, पवन सेठ, अमर बहादुर सेठ, जय प्रकाश सेठ, हरेराम केसरवानी, रतन सेठ, राम लाल सेठ, भगवान दास सेठ, राजेश सेठ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मालूम हो कि बीते 4 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार संरक्षक दिनेश सेठ के कसेरी बाजार स्थित प्रतिष्ठान पर सर्राफा एसोसिएशन की बैठक हुई जहां अध्यक्ष विनय बरौतिया ने सर्वसम्मत से अपनी नयी कार्यकारिणी गठित करके घोषणा कर दिया। घोषणा के अनुसार अनुसार उमाशंकर सेठ, अमर बहादुर सेठ, निरंजन वर्मा, विवेक सेठ मोनू, राधेश्याम सेठ उपाध्यक्ष, मधुसूदन बैंकर महामंत्री, संजय माहेश्वरी, नीरज साहू, संदीप सेठ, अनिल साहू, कन्हैया सेठ मंत्री, राजकुमार सेठ कोषाध्यक्ष, राजू सेठ आय-व्यय निरीक्षक, संजय साहू एडवोेकेट कानूनी सलाहकार, अनिल सेठ संगठन मंत्री, आलोक सेठ, राजेन्द्र प्रसाद सेठ प्रवक्ता, अजीत सोनी मीडिया प्रभारी और संतोष सेठ सूचना मंत्री बनाये गये हैं। इसके अलावा तमाम लोग कार्यकारिणी सदस्य बनाये गये। अन्दर की बातों पर गौर किया जाय तो नयी कार्यकारिणी में कई पदाधिकारी व सदस्य ऐसे हैं जो बैठक में उपस्थित ही नहीं थे।
इसी के विपरीत 7 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नगर के हनुमान घाट गली में स्थित राधाकृष्ण मन्दिर पर संस्था के वरिष्ठ सदस्य दयाराम सेठ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संरक्षण मण्डल द्वारा संविधान के विरूद्ध मनमानी ढंग से नयी कार्यकारिणी की घोषणा को अवैध ठहराते हुये इस कृत्य की निन्दा की गयी। निष्पक्ष ढंग से संविधान के अनुरूप चुनाव कराने की मांग करते हुये कार्यवाहक अध्यक्ष वंशीधर वर्मा ने कहा कि विगत कई वर्षों से एसोसिएशन को कुछ लोग अपनी सम्पत्ति समझकर मनमानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अपना निर्णय सदस्यों पर थोप करके एसोसिएशन को कमजोर बनाने का भी कार्य कर रहे हैं। सुनील सेठ ने कहा कि एसोसिएशन का चुनाव सभी सदस्यों के मताधिकार द्वारा होना चाहिये जो संविधान में वर्णित है। सुनील बैंकर ने कहा कि सर्राफा कमेटी का अध्यक्ष/महामंत्री का पद बहुत गरिमापूर्ण व संघर्षशील है। ये दोनों पद संस्था का एक मजबूत पद होता है जो पूरे जिले का कार्यभार देखता है, इसलिये इसका चयन नहीं चुनाव होना चाहिये। अजीत सोनी ने नयी कार्यकारिणी के घोषणा की आलोचना करते हुये कहा कि सर्राफा सदस्यों को मताधिकार से वंचित करना संविधान विरूद्ध है। आलोक सेठ ने संविधान के अनुरूप निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने की मांग किया। अंत में दयाराम सेठ ने कहा कि सर्राफा व्यवसायियों के ऊपर कोई निर्णय थोपा नहीं जाना चाहिये। इस अवसर पर राधेश्याम सेठ, अनिल सेठ, रविन्द्र सेठ, देवी लाल सेठ, मोनू सेठ, कृष्ण कुमार सेठ, तुलसी दास सेठ, पप्पू बैंकर, पवन सेठ, अमर बहादुर सेठ, जय प्रकाश सेठ, हरेराम केसरवानी, रतन सेठ, राम लाल सेठ, भगवान दास सेठ, राजेश सेठ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

