मानव श्रृंखला बनाकर एकसमान शिक्षा के लिए बुलंद की आवाज
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जौनपुर।
खाकी यूनिफार्म में कंधे पर झोला लिया, झोले में कटोरी, कुछ फटी पुरानी
किताबों के साथ गांव गिरांव का लड़का सड़क पर राह चलते हुए जब चमचमाती बस में
टाइ लगाए हुए कान्वेंट विद्यालय के लड़के को जो बस में बैठकर मम्मी पापा को
टाटा बाय करते हुए स्कूल जाता है को देखता है तो उसका मन मचल उठता है फिर
वह अपने मन ही मन सोचता है कि यह कान्वेंट स्कूलों की व्यवस्था गरीबों के
लिए नहीं अमीरों के लिए है। यह बातें कलेक्ट्रेट परिसर में डीडीएस संस्था
के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में
समाजसेविका आरती सिंह ने कही। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मानव श्रृंखला
भी बनाया गया।
उन्होंने कहा कि गरीबों और
अमीरों की दोहरी शिक्षा नीति को बंद कर सभी के लिए सक समान शिक्षा लागू
करें जिससे पूरे यूपी में समाजवाद नजर आये। कलेक्ट्रेट में तमाम स्कूली
बच्चों ने 'चाहे अमीर हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा एक समान, चाहे
कलेक्टर हो या कप्तान की संतान, सबकी शिक्षा एक समान, दोहरी शिक्षा नीति
बंद करो, बंद करो... के नारे लगाये। मानव श्रृंखला का नेतृत्व कर रहे
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव, गुरुपाल सिंह ने संयुक्त रुप से कहा कि
प्रदेश सरकार समाजन शिक्षा लाकर अमीर गरीब के बीच बनी खाइयों को समाप्त
करने की पहल करें। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश
सरकार आदेश का अनुपालन नहीं करा रही है जो न्यायालय के आदेश का उलंघन है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अख्तर अली ने भी उत्तर प्रदेश में समान शिक्षा लागू करने
में अपना समर्थन दिया और कहा कि हम सभी खेतीहर, दलित, मजदूर, श्रमिक,
किसान को एकजुट होकर लड़ाई लड़ना होगा। तभी पूंजीपतियों के द्वारा बनायी गयी
व्यवसायिक शिक्षा नीति समाप्त होगी। आरटीई से जुड़ी हुई सामाजिक कार्यकर्ता
आरती सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश 18 अगस्त 2015 का पालन तत्काल
करें। यदि सरकार आदेश का पालन नहीं करती है तो शिक्षा का अधिकार अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में कोर्ट ऑफ कंटेम
दाखिल करने के लिए मजबूर होगी। इस मानव श्रृंखला कार्यक्रम में गरीमा,
पूनम, शालिनी, शीतम, वेसा, अब्दुल, किसन, अखिलेश, सत्यम, एडीओ शाहगंज
फिरदौस, रमेश, सुषमा मौजूद रहे। इधर डीडीएस संस्था ने गोद लिये गांव
धरनीधरपुर में जाकर जगह-जगह पौधरोपण किया।

