लक्ष्मण शक्ति देख दर्शकों की छलकी आंखे
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जौनपुर। सिरकोनी ब्लाक अन्तर्गत गोपीपुर गांव में 170 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बुढ़वा बाबा रामलीला समिति के तत्वावधान में अंतिम दिन गुरूवार की रात चल रही रामलीला में लक्ष्मण-शक्ति, कुम्भकर्ण वध, मेघनाद वध, अहिरावण वध का भावपूर्ण लीला का मंचन हुआ। रामलीला के प्रारम्भ में झॉ गु्रप के रोशन श्रीवास्तव द्वारा आकर्षक झांकी प्रस्तुत किया गया। गुरूवार की रात रामलीला में लक्ष्मण-शक्ति की लीला के मंचन में भाई के लिए राम का विलाप देख दर्शकों की आंखों से आंसू छलक उठे। लीला के दौरान राम-रावण की सेना रणभूमि में है। लक्ष्मण, मेघनाद का युद्ध होता है। युद्ध में मेघनाद के शक्ति वाण से लक्ष्मण मूच्र्छित हो जाते हैं। राम दल में हाहाकार मच जाता है। मूच्र्छित लक्ष्मण को उठाकर हनुमान राम के पास ले आते हैं। भाई की यह दशा देख राम विलाप करने लगते हैं। फिर विभीषण द्वारा बताने पर हनुमान लंका से सुषेण वैद्य को ले आते हैं। वैद्य के बताने पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने धवलागिरि पर्वत पर जाते हैं। लीला के दौरान संजीवनी बूटी पिलाने पर लक्ष्मण की मूच्र्छा दूर होती है और राम दल में खुशी की लहर दौड़ जाती है। श्रीराम के यजकारे से पूरा पण्डाल गुंजायमान हो जाता है। यह लीला देख दर्शक भाव विभोर हो जाते हैं। इसके बाद लक्ष्मण द्वारा मेघनाद का वध देख दर्शक रोमांचित हो उठते हैं। अंतिम दिन रामलीला में दर्शकों की भारी भीड़ रही। इस दौरान रामलीला समिति के प्रबंधक रविन्द्र बहादुर सिंह पप्पू, डायरेक्टर जयनाथ सिंह, उप डायरेक्टर सूर्यभान सिंह लुट्टूर, प्रधान मनोज सिंह, बचानू सिंह, सत्यपाल सिंह, संतोष सिंह दद्दा व टोनी सिंह मौजूद रहे। मंचन में राम की भूमिका बब्बू सिंह, लक्ष्मण शिवा सिंह, सीता नवरतन सिंह, रावण पप्पू सिंह महाजन, कुम्भकर्ण सूर्यभान सिंह, मेघनाद अखिलेन्द्र सिंह तथा हनुमान की भूमिका बिरजू सिंह ने निभाई। रामलीला का संचालन कामरेड जय प्रकाश सिंह व अमित सिंह जुगुनू ने किया।

