मेडिकल बिल जनविरोधी: वानखेड़कर
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जौनपुर। इण्डियन मेडिकल एशोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 रवि वानखेड़कर ने कहा है कि नेशलन मडिकल बिल ,कमीशन बिल जनविरोधी और धनी लोगों के लिए है। इसका सभी को विरोध करना चाहिए। यहां के आईएमए भवन में सदस्यों को सदस्यों को सम्बोधित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होने कहा कि इस बिल के लागू होने के बाद चिकित्सा शिक्षा अत्यधिक मंहगी हो जायेगी। ब्रिज कोर्स द्वारा कम जानकारी वाले चिकित्सक लोगों का इलाज करेगें तथा एमबीबीएस पास किये बच्चों को एक ऐसी परीक्षा देनी होगी जिसमें फेल होने के कारण आधे से अधिक बच्चे प्रैक्टिस करने से वंचित हो जायेगें। उन्होने बताया कि ब्रिज कोर्स द्वारा 6 महीने में साढ़े पांच साल का कोर्स पढ़ाया जाना असंभव है। आयुष चिकित्सक ब्रिज कोर्स करने के बाद आधी अधूरी जानकारी पाकर जनता की चिकित्सीय सेवा के लिए आ जायेगें जो जनता के लिए आधातकारी होगा। बताया कि प्राइवेट मेडिकल कालेज में 15 प्रतिशत सीटे मैनेजमेण्ट कोटा के तहत कैपिटेशन फीस लेकर भरी जाती है। इस बिल के आने के बाद 60 प्रतिशत सीटे मैनेजमेण्ट कोटा के तहत कैपिटेशन फीस द्वारा भरी जाने लगेंगी। जिससे मेडिकल की पढ़ाई अत्यधिक मंहगी हो जायेगी। जिसका प्रभाव जनता को सहना पड़ेगा। आईएमए के जिलाध्य डा0 एनसिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।

