गर्मी शुरू होते ही सताने लगा आग का भय
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जौनपुर। प्रत्येक साल गर्मियों के मौसम में आग से जिले भर में होने वाली तबाही को रोकने के लिए अभी तक शासन द्वारा माकूल व्यवस्था नहीं करने से गर्मी शुरू होते ही अगलगी की घटनाओं के अंदेशा से किसान व अन्य वर्ग सिहर गए हैं। सबसे बड़ी समस्या बिजली के लटकते तार बनते हैं, वे टूटकर गिरते हैं, उनके आपस में रगड़खाने से निकली चिन्गारी फसलों तथा छप्परों को भारी तबाही होती है। लोग दाने दाने के मोहताज हो जाते हैं, घर से बेघर हो जाते है। फायर ब्रिगेड के पास सीमित साधन है और जिले का क्षेत्र फल बड़ा है। आग लगने के बाद दमकल की गाड़ी पहुंचते पहुंचते सब कुछ राख में तब्दील हो जाता है। गरीबों की बस्तियों में भी अक्सर अगलगी की घटनाएं मार्च के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर जून के अंत तक होती रहती है। वहां के लोग भी गर्मी शुरू होते ही अगलगी की डर से भयाक्रांत हो जाते है। गांवों में आगजनी की घटनाओं कों रोकने के लिए अभी तक कोई माकूल व्यवस्था नहीं की गई है। प्रत्येक साल करोड़ों की संपति जल कर राख हो जाती है। हजारों लोग बेघर हो जाते है। सैकड़ों मड़हे राख हो जाते हैं। दर्जनों लोग जल कर मर जाते हैं। सैकड़ों पशु भी राख में तब्दील हो जाते हैं। बावजूद इसके इस तरफ शासन गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है।

