सही मार्गदर्शन मिले तो ये दिव्यांग बच्चे किसी सामान्य बच्चों से कम नहीं हैं
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जौनपुर। हम और आप विश्व दिव्यांग दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम मना रहे
हैं। दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को देखने से ऐसा लगा कि अगर इन्हें सही
मार्गदर्शन मिले तो ये सामान्य बच्चों से कम नहीं हैं। इनको अगर संवारा जाय
तो ये आगे चलकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। मेरे स्तर से जिले में
दिव्यांग आश्रय गृह खोलने की योजना है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द
ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जायेगी। उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि जिला
दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने रचना विशेष विद्यालय
में आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए
कही।
कार्यक्रम
की अध्यक्षता कर रहे सम्पादक कैलाशनाथ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए
कहाकि ये दिव्यांग बच्चे दया के मोहताज नहीं हैं बल्कि इनको हम सभी का
प्यार व सहयोग चाहिए। दिव्यांगता एक अभिशाप न होकर ईश्वर की एक ऐसी रचना है
जिसमें अनेक कमियां होती हैं लेकिन रचना विशेष विद्यालय में अथक प्रयास के
बाद इन बच्चों को संवारा जाता है ताकि इनका शैक्षिक तथा सामाजिक विकास
अच्छे से हो सके। इसके लिए विद्यालय को ढेर सारा साधुवाद। कार्यक्रम की
विशिष्ट अतिथि इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह ने कहाकि
दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को और निखारने की आवश्यकता है। मेरे स्तर से जो
भी हो सकेगा हम सभी मिलकर इन बच्चों के लिए कुछ ऐसा करना चाहेंगे जो इनकी
आवश्यकताओं को पूरा कर सके। कार्यक्रम को रामेश्वर शिशु विहार की प्रबन्धक
डा. विमला सिंह तथा इनरव्हील क्लब की कोषाध्यक्ष श्रीमती सरोज सिंह ने भी
सम्बोधित करते हुए दिव्यांग बच्चों के हुनर की सराहना की। इसके पूर्व
अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। सरस्वती वंदना
अनुराधा और नेहा यादव तथा स्वागत गीत प्रियंका ने प्रस्तुत किया। इस अवसर
पर मूक बघिर, मानसिक मंद तथा दृष्टि बाधित बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम
प्रस्तुत किया। मंच का संचालन विद्यालय के समन्वयक सुनील कुमार गुप्ता ने
किया। आगन्तुकों का स्वागत और आभार विद्यालय के प्रबन्धक नसीम अख्तर ने
ज्ञापित करते हुए कहाकि हमारे विद्यालय के सभी दिव्यांग बच्चे अपने आप में
विशिष्ट योग्यता रखते हैं। इश्वर से यही प्रार्थना है कि इनके उत्तम और
योग्य भविष्य के लिए इनका मार्ग प्रशस्त करें ताकि ये समाज की मुख्य धारा
से जुड़ सकें। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त प्रवक्तागण,
डे-केयर स्टाफ तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने अपना योगदान
दिया।

