जिला कारागार में तीन गुना से अधिक बन्द हैं कैदी
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जौनपुर । जिला कारागार में बन्दियों की स्थिति, कारागार कर्मियों के जर्जर आवास, कैदियों से मुलाकात करने वालों के लिए बनी व्यवस्था पर जेल अधीक्षक ने बताया कि कारागार में 320 बन्दियों को निरुद्ध करने की क्षमता है जबकि वर्तमान समय में 1100 कैदी जिला कारागार में बंद है । बैरक में क्षमता से अधिक बंदियों के होने के कारण कुछ मूलभूत समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि महिला बंदियों के लिए एक बैरक उपलब्ध है, जिसकी क्षमता 20 बंदी की है जबकि वर्तमान में महिला बैरक में 64 महिला बंदी ह,ै महिला बंदियों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी इसी बैरक में रहते हैं। इन बच्चों के स्वास्थ्य तथा शिक्षा की व्यवस्था के संबंध में बताया कि महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए अंशकालिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ती तथा एक सहायक अध्यापक की नियुक्ति प्रशासन द्वारा की गई है । उन्होने बताया कि आजीवन कैद की सजा प्राप्त कैदियों को निकट के केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया जाता है । जेल में कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में े बताया कि नैतिकता का पतन समाज के हर क्षेत्र में दिखाई देता है, जेल में नियुक्त बंदी रक्षक भी इससे पूरी तरह अछूते नहीं है , कुछ बंदी रक्षकों की मिलीभगत के बिना जेल में निरुद्ध कैदियों को जेल नियम के अनुसार प्रतिबंध सुविधाएं प्राप्त नहीं हो सकती हैं । पूरे जेल परिसर को 30 सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाती है । जेल परिसर में बंदी रक्षकों के जर्जर आवास तथा परिसर में जैमर लगवाने के संबंध में उन्होंने बताया की जेल का स्थानांतरण अन्यत्र किए जाने का प्रस्ताव है , इस कारण से कोई नवीन निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है , जब तक जेल किसी नए स्थान पर शिफ्ट नहीं हो जाती तब तक बंदी रक्षकों को जर्जर आवास में तथा कैदियों को इसी व्यवस्था में रहना पड़ेगा।
