विद्युत विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं का कर रहे शोषण
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खेतासराय(जौनपुर) विकास खण्ड शाहगंज सोंधी के विभिन्न गांवों में बिजली मीटर
या फिर नया कनेक्शन के नाम पर नियम कानूनों को ताख पर रखकर अधिकारियों के
मिली भगत से कर्मचारी उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे है। इसकी शिकायत उपभोक्ता
जब अपना सारा काम-धाम छोड़कर शिकायत करने या फिर उसको दुरुस्त करने बिजली
दफ्तर जा रहे है तो अधिकारी कोरा आश्वासन देकर वापिस लौटा दे रहे है। या तो
फिर यहाँ जाओ वहां जाओ थोड़ा इंतज़ार करो साहब आये नहीं है के नाम घण्टों
खड़ाकर गप्प लड़ाते रहते है बार-बार कहने पर अंत मे झुझलाकर हां हां ठीक हो
जाएगा वाली नामक आश्वासन की घुट्टी पिलाकर वापिस लौटा दिए जाते है। मायूस
उपभोक्ता बिजली विभाग के दफ्तर का चक्कर काटने को विवश है। यह बात हम कर
रहे है बिजली विभाग के शाहगंज दफ्तर की।
उक्त
विकास खण्ड स्थित रानीमऊ गांव निवासी ओबैदुल्लाह पुत्र जियाउद्दीन का
मामला प्रकाश में आया तब।बेचारा उपभोक्ता लगातार लगभग दो वर्षों से बिजली
विभाग के शाहगंज दफ्तर का चक्कर काटते-काटते थक गया। परेशान उपभोक्ता का
कहना है कि सन 2016 में अपने नाम से बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया
था। कनेक्शन की मंजूरी भी मिली। लेकिन कुछ दिन बाद मीटर लगाने के लिए बिजली
विभाग के कर्मचारी घर आये और मीटर लगा दिए उस समय उपभोक्ता घर नहीं था।
आरोप है कि मीटर लगाने के बाद घर न होने की वजह से कर्मचारी मेरी माँ से
आधार कार्ड मांगा आधार कार्ड देने में माँ इंकार कर दी। लेकिन कर्मचारी
अपने विश्वास में लेकर माँ का आधार कार्ड ले लिया। उसके कुछ दिन बाद मेरे
मां के नाम से बिजली का बिल धड़ाधड़ आना शुरू हो गया और कुल लगभग 20 हज़ार आ
गया।
जबकि उपभोक्ता का
कहना है कि कनेक्शन मेरे नाम से है लेकिन मेरे मां के नाम भी कनेक्शन कर
बिजली का बिक भेजा जा रहा है। जिसकी जांच पड़ताल के लिए पीड़ित बिजली विभाग
के शाहगंज दफ्तर में गया जहाँ सिर्फ इधर-इधर अनावश्यक दौड़ाया जा रहा है
आज-आओ, कल-आओ इस तरह से लगभग दो वर्षों से खूब दौड़ाया जा रहा है।जिससे
उपभोक्ता पूरी तरह से त्रस्त है। उसका लहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी
पैसे की लालच में मीटर लगाने वाले व बिल चेक करने वाले उपभोक्ताओं से अवैध
पैसा मांगते है न देने और उपभोक्ताओं का शोषण करते है। यह काम बड़े
अधिकारियों के मिली भगत होता है। जब इसकी शिकायत करने दफ्तर में जाता हूँ
तो इधर-इधर दौड़ाया जाता है और अंत में आश्वासन देकर वापिस कर देते है। यह
सिलसिला दो वर्षों से चल रहा है अभी तक ठीक नहीं हुआ।
कुल
मिलाकर बिजली विभाग के अधिकारियों के मिली भगत से बिजली उपभोक्ताओं का
कर्मचारियों द्वारा अनावश्यक शोषण किया जा रहा है। इसकी शिकायत यदि किसी ने
हिम्मत जुटाकर करने भी जाता है तो अधिकारी गूटूरगू इस कान से सुनकर का कान
से निकाल दे रहे है। निजाम भले बदल गया हो लेकिन अधिकारी वही पुराने ढर्रे
पर काम कर रहे है जिससे मजबूर होकर लाचार उपभोक्ता बिजली विभाग का चक्कर
काटने का मजबूर है। इस सम्बंध में
एसडीओ शाहगंज रोशन ज़मीर खान से बात चीत करने पर बताया की मामला संज्ञान में आया है जाँच कर के शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
