रास्ता बंद करने के आदेश से भड़के अधिवक्ता व दुकानदार, किया विरोध प्रदर्शन
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जौनपुर। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिला जज,डीएम व एसपी द्वारा अधिवक्ता संघ भवन के बगल हरईपुर जाने वाले गेट को बंद किए जाने के आदेश से भड़के वकीलों व दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अधिवक्ताओ ने कहा कि यदि गेट बंद हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। कैंटीनें बंद रहने से अधिवक्ता व वादकारी को जलपान नहीं कर सके।फोटोस्टेट वगैरह की दुकानें बंद होने से कामकाज प्रभावित रहा।
संघ के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक व प्रभारी मंत्री अरविंद तिवारी ने जिला जज व डीएम को प्रस्ताव के जरिए मांग किया कि उस गेट को बंद न किया जाए क्योंकि पूरब तरफ रहने वाले अधिवक्ताओं तथा मुरलीधर भवन में बैठने वाले अधिवक्ताओं को दीवानी परिसर में न्यायिक कार्य करने के लिए प्रवेश का दूसरा कोई मार्ग नहीं है और 50 वर्ष से अधिक समय से उस रास्ते से ही आते जाते रहे हैं। बता दें कि हाईकोर्ट ने न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश जारी किया जिस पर जिला जज,डीएम व एसपी द्वारा परिसर की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए परिसर में प्रवेश के पांच प्रवेश द्वारों को अनधिकृत बताते हुए उन्हें बंद करने का आदेश दिया गया।हाल ही में बैगेज स्कैनर वगैरह भी लगाया गया है।अधिवक्ताओं व वादकारियों का प्रवेश द्वार बदल दिया गया है।तर्क दिया गया कि संघ भवन के बगल वाली गेट से ही कई आरोपी फरार हो चुके हैं।इन प्रवेश द्वारों के खुला रहने से दीवानी परिसर की सुरक्षा प्रभावित होगी।यहां पर आतंकवादियों व कुख्यात अपराधियों की पेशी होती है।वकीलों का यह कहना है कि गेटो पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया भी जा सकता है।उन्हें बंद करना आवश्यक नहीं है।विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता हंसराज चौधरी,चिंतामणि तिवारी,आलोक यादव,पंकज रमन यादव,संगम लाल यादव,प्रेम नारायण त्रिपाठी, बलराम यादव,मैन बहादुर, ज्ञानेंद्र यादव आदि काफी संख्या में अधिवक्ता एवं 40-50 दुकानदार मौजूद थे।
संघ के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक व प्रभारी मंत्री अरविंद तिवारी ने जिला जज व डीएम को प्रस्ताव के जरिए मांग किया कि उस गेट को बंद न किया जाए क्योंकि पूरब तरफ रहने वाले अधिवक्ताओं तथा मुरलीधर भवन में बैठने वाले अधिवक्ताओं को दीवानी परिसर में न्यायिक कार्य करने के लिए प्रवेश का दूसरा कोई मार्ग नहीं है और 50 वर्ष से अधिक समय से उस रास्ते से ही आते जाते रहे हैं। बता दें कि हाईकोर्ट ने न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश जारी किया जिस पर जिला जज,डीएम व एसपी द्वारा परिसर की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए परिसर में प्रवेश के पांच प्रवेश द्वारों को अनधिकृत बताते हुए उन्हें बंद करने का आदेश दिया गया।हाल ही में बैगेज स्कैनर वगैरह भी लगाया गया है।अधिवक्ताओं व वादकारियों का प्रवेश द्वार बदल दिया गया है।तर्क दिया गया कि संघ भवन के बगल वाली गेट से ही कई आरोपी फरार हो चुके हैं।इन प्रवेश द्वारों के खुला रहने से दीवानी परिसर की सुरक्षा प्रभावित होगी।यहां पर आतंकवादियों व कुख्यात अपराधियों की पेशी होती है।वकीलों का यह कहना है कि गेटो पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया भी जा सकता है।उन्हें बंद करना आवश्यक नहीं है।विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता हंसराज चौधरी,चिंतामणि तिवारी,आलोक यादव,पंकज रमन यादव,संगम लाल यादव,प्रेम नारायण त्रिपाठी, बलराम यादव,मैन बहादुर, ज्ञानेंद्र यादव आदि काफी संख्या में अधिवक्ता एवं 40-50 दुकानदार मौजूद थे।

