खूनी संघर्ष में गई युवक की जान
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जौनपुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के दुधौड़ा गांव में शुक्रवार की शाम खूनी संघर्ष में चाकू के प्रहार से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज न करने का खामियाजा थाना प्रभारी राम बहादुर चौधरी को भुगतना पड़ा। एसपी अशोक कुमार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने समुचित धाराओं में सात नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को हिरासत में ले लिया है।
उक्त गांव निवासी चंद्रिका यादव का पड़ोसी से काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था। शुक्रवार की शाम आधा दर्जन पड़ोसियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर चंद्रिका के घर धावा बोल दिया। चाकू से किए गए प्रहार से चंद्रिका यादव (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी शोभा (40) व भांजे आनंद यादव भी जख्मी हो गए। दूसरे पक्ष से संजय यादव को चोटें आईं। खबर लगने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहां इलाज के दौरान देररात चंद्रिका यादव ने दम तोड़ दिया। खबर आते ही गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद तहरीर दिए जाने पर थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की बजाय मारपीट व गाली-गलौच जैसी सामान्य धाराओं में एनसीआर (पुलिस के हस्तक्षेप योग्य अपराध नहीं) दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एसपी अशोक कुमार के तेवर सख्त हो गए। उन्होंने समुचित कार्रवाई न करने के लिए कड़ी फटकार लगाने के साथ ही थाना प्रभारी राम बहादुर चौधरी को कर्तव्य पालन में लापरवाही व उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।
उक्त गांव निवासी चंद्रिका यादव का पड़ोसी से काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था। शुक्रवार की शाम आधा दर्जन पड़ोसियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर चंद्रिका के घर धावा बोल दिया। चाकू से किए गए प्रहार से चंद्रिका यादव (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी शोभा (40) व भांजे आनंद यादव भी जख्मी हो गए। दूसरे पक्ष से संजय यादव को चोटें आईं। खबर लगने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहां इलाज के दौरान देररात चंद्रिका यादव ने दम तोड़ दिया। खबर आते ही गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद तहरीर दिए जाने पर थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की बजाय मारपीट व गाली-गलौच जैसी सामान्य धाराओं में एनसीआर (पुलिस के हस्तक्षेप योग्य अपराध नहीं) दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एसपी अशोक कुमार के तेवर सख्त हो गए। उन्होंने समुचित कार्रवाई न करने के लिए कड़ी फटकार लगाने के साथ ही थाना प्रभारी राम बहादुर चौधरी को कर्तव्य पालन में लापरवाही व उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।

