महालक्ष्मी ज्वेलर्स डकैती कांड : गए थे रुपए बरामद कराने, बरामद कराए तमंचे व कारतूस
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जौनपुर। महालक्ष्मी ज्वेलर्स कांड में पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले जाए गए आरोपी सतीश सिंह,शिवम सिंह व ऋषभ सिंह ने पुलिस के साथ जाकर छिपाए गए स्थानों से तमंचे व कारतूस बरामद कराया।आरोपियों पर डकैती कांड के समय इन्हीं असलहों का प्रयोग करने का आरोप है।तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में अलग-अलग मुकदमा लाइन बाजार थाने में दर्ज हुआ।सीजेएम कोर्ट ने आरोपियों को जेल से तलब किया।विवेचक भी कोर्ट में उपस्थित हुए।कोर्ट ने आरोपियों की आर्म्स एक्ट में रिमांड बनाकर जेल भेज दिया।
31 अक्टूबर 2019 की रात 9:00 बजे कलेक्ट्रेट के निकट महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती के मामले में विवेचक ने अदालत में दरखास्त दिया था कि तीनों आरोपियों ने जेल में विवेचक को बयान दिया है कि घटना में अपने अपने हिस्से में प्राप्त गहनों की बिक्री से प्राप्त धनराशि में से शेष बचे रुपयों को वे अपने अपने घरों में छुपा कर रखे हैं जिसे वे चलकर बरामद करा सकते हैं।विवेचक ने तीनों की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग किया।आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों ने जेल में विवेचक को कोई बयान नहीं दिया है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपियों की 24 घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया कि तीनों ने विवेचक को बताया है कि लूटे गए जेवरात की बिक्री से प्राप्त धनराशि बरामद करा सकते हैं।पुलिस तीनों आरोपियों को 17 जुलाई को 24 घंटे के लिए कस्टडी रिमांड पर जेल से ले गई लेकिन आरोपियों ने रुपयों की बजाए तमंचे व कारतूस बरामद कराए।बता दें कि घटना में दो आरोपी प्रारंभ में गिरफ्तार हुए थे।उनके पास कुछ गहने बरामद हुए।उन्हीं दोनों ने खुलासा किया था कि घटना का मास्टरमाइंड मुफ्तीगंज ब्लाक प्रमुख विनय सिंह है।उसने व अजय सिंह ने मिलकर असलहा,रुपए एवं वाहन मुहैया कराए थे।पुलिस विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम का खुलासा हुआ।
31 अक्टूबर 2019 की रात 9:00 बजे कलेक्ट्रेट के निकट महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती के मामले में विवेचक ने अदालत में दरखास्त दिया था कि तीनों आरोपियों ने जेल में विवेचक को बयान दिया है कि घटना में अपने अपने हिस्से में प्राप्त गहनों की बिक्री से प्राप्त धनराशि में से शेष बचे रुपयों को वे अपने अपने घरों में छुपा कर रखे हैं जिसे वे चलकर बरामद करा सकते हैं।विवेचक ने तीनों की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग किया।आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों ने जेल में विवेचक को कोई बयान नहीं दिया है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपियों की 24 घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया कि तीनों ने विवेचक को बताया है कि लूटे गए जेवरात की बिक्री से प्राप्त धनराशि बरामद करा सकते हैं।पुलिस तीनों आरोपियों को 17 जुलाई को 24 घंटे के लिए कस्टडी रिमांड पर जेल से ले गई लेकिन आरोपियों ने रुपयों की बजाए तमंचे व कारतूस बरामद कराए।बता दें कि घटना में दो आरोपी प्रारंभ में गिरफ्तार हुए थे।उनके पास कुछ गहने बरामद हुए।उन्हीं दोनों ने खुलासा किया था कि घटना का मास्टरमाइंड मुफ्तीगंज ब्लाक प्रमुख विनय सिंह है।उसने व अजय सिंह ने मिलकर असलहा,रुपए एवं वाहन मुहैया कराए थे।पुलिस विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम का खुलासा हुआ।

