"हमरी न माने तो कठपुतलियो से पुछो", कैसे लोग मरते है जौनपुर की धरतियां पे
https://www.shirazehind.com/2020/12/blog-post_348.html
जौनपुर। प्रदेश में हो रही सड़क हादसों से बचने के लिए अब परिवहन विभाग ने प्राचीन मनोरंज व संदेश देने वाली संसाधन कठपुतली कला का सहारा लिया है। विलुप्त हो रही इस कला के माध्यम से अब लोगो को जीवन दान देने का प्रयास किया जा रहा है। गुरूवार को सड़क हादसों में हो रही मौते व विकलांगता के बारे में इस बेजुबा कला कठपुतलियों ने ऐसा संदेश दिया कि मौजूद लोग भी दहल गये। लोग यह कहने को मजबूर हो गये कि "हमरी न माने तो कठपुतलियो "से पुछो कैसे लोग मरते है जौनपुर की धरतियां पे
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एआरएम विजय श्रीवास्तव ने कहा कि नियमों के अनदेखी की वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिन्हें जागरूकता से कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में युवकों की मौत हो रही है। ऐसे में यातायात नियमों के पालन में ही भलाई है। दुखना देवी संस्थान के प्रबंधक व कार्यक्रम आयोजक डा. अवधनाथ पाल ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं यातायात नियमों के नहीं मानने की वजह से हो रही हैं। उन्होंने कहा कि तमाम लोग वाहन चलाते वक्त भी मोबाइल से बात करते हैं व हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने से भी परहेज करते हैं, जो नहीं करना चाहिए। संस्था द्वारा रामनगर ब्लाक सहित विभिन्न गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बनाए गए नियमों की जानकारी दी। शिवधनी यादव, गीता सिंह, अजीत चौबे, अनिल श्रीवास्तव, रविद्र पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।

