लोककल्याण की दिशा मे कलम चलाना ही सच्ची पत्रकारिता है
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आज एक विशेष दिवस हिंदी पत्रकारिता दिवस है। आज ही के दिन १८२६ई.को कलकत्ता मे आदरणीय पण्डित जुगल किशोर शुक्ला जी ने भारत के प्रथम हिंदी समाचार पत्र "उदत्त मार्तण्ड "का प्रारंभ किया था ।और उनके याद मे इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप मे मनाया जाता है।
आज अनेक पत्र पत्रिकाएँ और मीडिया कर्मी इस क्षेत्र मे जुडे हुए है । मीडिया का हम सभी पर बहुत प्रभाव होता है कोई भी समाचार हो हम तक पहुँचाने का श्रेय मीडिया को ही जाता है । परन्तु इतने व्यापक एवं प्रभावशाली क्षेत्र मे भी कुछ लोग ऐसे भी देखने को मिलते है ,जो स्वयं की स्वार्थ के लिए संपूर्ण समाज को गुमराह करने से बाज नही आते। इनके द्वारा फैलायी गयी भ्रान्तियों से समाज एवं देश का कितना नुकसान होता है ,इसका इनको भान भी नही रहता ।
बहुत हद तक हमारी हिंदी का पतन ऐसी ही पत्रकारिता की देन है । अतः अपनी कलम की ताकत को पहचान सदैव लोककल्याण की दिशा मे चलना ही सच्ची पत्रकारिता है । वर्तमान समय मे ऐसे ही कलमकारो की हमें आवश्यकता है । जो अपने कलम से हमारी भाषा हमारी संस्कृति को बचा सके ।
जिन्हे अपने कर्तव्य ,अपने महत्व का ज्ञान हो । क्योकि पत्रकार ही है जो लोहे को हीरा और हीरे को लोहा बना सकते है। ऐसे भाग्य निर्माताओं को अब जागना होगा ।जिससे समाज को अचछी दिशा प्राप्त हो सके ।
सुमति श्रीवास्तव
जौनपुर

