तस्करी के दौरान पुलिस पर गाड़ियां चढ़ाना, फायर करना, गोली मारना इनकी आदत में शुमार है
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| साकेतिक फोटो |
यही कारण था की बीती रात जौनपुर के एक होनहार कांस्टेबल दुर्गेश सिंह इन पशु तस्करों को रोकने के चक्कर में शहीद हो गया।
यह अलग बात है कि जिले कि एसओजी पुलिस टीम तुरंत अलर्ट मूड में हुई और एक कुख्यात तस्कर सलमान पुत्र मुसाफिर निवासी ग्राम मथुरापुर कोटवा थाना जलालपुर जौनपुर को घेराबंदी कर मौत की नींद सुला दिया । बाकी अभी फरार चल रहे पशु तस्कर पुलिस के निशाने पर हैं।
जिले के 28 थानों की पुलिस इनके अवैध कारोबार पर न तो पूरी तरह से अंकुश लगा पा रही है।न ही उन्हें सही ठिकाने पर भेज पा रही है।
इससे साफ जाहिर है कि इन्हें कहीं न कहीं कुछ खादी और खाकीधारियों का संरक्षण इस धंधे में संलिप्त लोगो को प्राप्त है।
खेतासराय में पंजीकृत हैं 84 पशु तस्कर
जौनपुर। उदाहरण के तौर पर खेतासरॉय थाना क्षेत्र में 84 पशु तस्कर पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकृत है। इनमें दर्जन भर को पहले जेल भेजा जा चुका है । बाकी 13 तस्करों को दो दिन दिन पहले ही पुलिस ने उनके ठिकाने से छापेमारी कर गिरफ्तार किया और चालान न्यायालय जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय बताते हैं की रानीमऊ के कुख्यात सगे भाई अब्दुल सलाम उर्फ बिल्ला , दिलशाद अहमद पुत्रगण मोहम्मद मुस्लिम व उनके तीन बेटों, रिश्तेदारों के खिलाफ गैंगस्टर समेत सभी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा चुकी है।

