चार साल में जर्जर होकर धराशायी हुआ आवास, पिता-पुत्र घायल
जानकारी के अनुसार, गिरधरपुर निवासी प्रदुम्न सोनकर (24 वर्ष) अपने परिवार के साथ मकान में सो रहे थे। सुबह लगभग 4 बजे अचानक आवास की दीवार भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबने से प्रदुम्न और उनका दो माह का पुत्र आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। प्रदुम्न को जिला चिकित्सालय और शिशु को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों का इलाज चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और आक्रोश व्यक्त किया कि महज चार साल पहले बना आवास इतनी जल्दी कैसे जर्जर हो गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान व सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
घायल की मां शोभा सोनकर (50 वर्ष) ने बताया कि योजना की किस्त उन्हें दो बार में मिली थी, लेकिन मजदूरी के नाम पर महज साढ़े आठ हजार रुपये ही दिए गए। अब आवास गिरने से रखे अनाज, भूसा और गृहस्थी का सामान सब नष्ट हो गया। परिवार के सामने जीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है।


Jab Paisa pahley pel kay bhari ho jayo ge tab kaha say makaan majboot ho jayega..ye haqikat hi..bura lage koi baat nahi ..2 paisa sab bachate hi aur lagate hi..par 10 bachaoge to kya suraksha ..kya quality..
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