डेढ़ साल की मासूम को गोमती में फेंककर मौत के हवाले कर देने वाला बेरहम पिता गिरफ्तार
दिनांक 19 नवंबर 2025 को पीड़ित महिला रोते-बिलखते थाने पहुँची और बताया कि उसके पति अशोक विश्वकर्मा, निवासी खर्गसेनपुर, ने उसकी 1.5 वर्षीय पुत्री रुतवी को गोमती नदी में फेंक दिया। उसके बयान ने पुलिस और क्षेत्रवासियों को स्तब्ध कर दिया। तहरीर के आधार पर थाना केराकत में मु0अ0सं0 344/25, धारा 103(1)/238 BNS के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक बेटी पैदा होने से नाराज और मानसिक रूप से विचलित रहता था। घरेलू कलह के बीच उसकी विकृत सोच ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को शर्मसार करने वाली यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में केराकत पुलिस की टीम ने अथक प्रयास करते हुए आरोपी की तलाश तेज़ की। आज पुलिस ने नाऊपुर मोड़ से आरोपी अशोक विश्वकर्मा (उम्र करीब 42 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे जेल भेज दिया गया।
गाँव में मातम पसरा है। हर कोई इसी सवाल में डूबा है कि एक पिता अपने ही हाथों अपने खून का गला कैसे घोट सकता है? मासूम रुतवी की छोटी-सी चप्पलें, उसकी हंसी, उसकी खिलखिलाहट अब हमेशा के लिए थम चुकी हैं। माँ की चीखें पूरे गांव का कलेजा चीर रही हैं।
यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि
क्या बेटी होना अपराध है? कब तक मासूम बच्चियों को इस मानसिकता की कीमत चुकानी पड़ेगी?

