एक ही झटके में हुई गेहूं की बुआई, बहुत कम किसानों देना पड़ा पलेवा
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जौनपुर। अक्टूबर महीने के आखिरी में मोंथा चक्रवात भले ही धान की पकी और कटी फसल के लिए नुकसानदायक रहा हो और गेहूं की बुआई में थोड़ा सा विलम्ब भी हुआ लेकिन बुआई एक साथ तेजी से हुई जिससे बीच में ब्रेक नहीं हुआ।धान की कटाई के बाद अक्सर किसान पलेवा देने में जुट जाते थे और पलेवा देने के बाद अगर थोड़ी बहुत बारिश हो जाती थी तो गेहूं की बुआई लगातार पिछड़ती चली जाती थी लेकिन मोंथा चक्रवात की बारिश के चलते नाम मात्र के किसानों को ही खेतों में पलेवा देने की जरूरत पड़ी ज्यादातर किसानों ने बारिश की नमी से ही गेहूं की बुआई कर दी।तेजी से हुई बुआई का परिणाम यह रहा कि मछलीशहर तहसील क्षेत्र में 80 प्रतिशत से अधिक गेहूं की बुआई नवम्बर माह में ही पूरी हो गई है ।गेहूं के खेतों में अंकुरण हो चुका है अब अगले सप्ताह से किसान गेहूं की पहली सिंचाई में जुट जायेंगे। विकास खंड मछलीशहर के गांव बामी के किसान शैलेन्द्र सिंह कहते हैं कि मोंथा चक्रवात की बारिश पर्याप्त थी और चक्रवात के बाद पूरे महीने दुबारा बारिश हुई भी नहीं।जिससे खेतों को पकने का पर्याप्त अवसर मिला और परिणाम आप सबके सामने है ज्यादातर किसानों ने गेहूं की बुआई कर ली है। विकास खंड मुंगराबादशाहपुर के नडार गांव के किसान उमाशंकर सरोज कहते हैं कि मोंथा चक्रवात के पहले जिन किसानों ने सरसों की बुआई कर दी थी उनकी सरसों की फसल भी बारिश से हुये लाभ के चलते बेहतर दिख रही है।

