हिंदू बहुमत तक ही सुरक्षित , जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाएंगे: डॉ. प्रवीण तोगड़िया
जौनपुर। अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि भारत में जब तक हिंदू बहुमत में हैं, तभी तक हिंदू सुरक्षित हैं। हिंदू बहुमत बनाए रखने के लिए जनसंख्या नियंत्रण का सख्त कानून बनवाया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि सस्ती और गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपनी कुल आमदनी का कम से कम आठ प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करें, जिससे देश के विद्यार्थियों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
डॉ. तोगड़िया मंगलवार की शाम टीडी इंटर कॉलेज के मार्कण्डेय हाल में राष्ट्रीय छात्र परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगार जरूरी है, इसके लिए हाईस्कूल स्तर से ही कौशल और स्किल ट्रेनिंग की शिक्षा दी जानी चाहिए तथा स्वरोजगार के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जाएं।
उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अभियान के तहत मंगलवार और शनिवार की शाम देश के हर गांव और गली में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाएगा। यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। बांग्लादेश में हिंदू परिवारों पर हो रहे अत्याचार को लेकर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार बांग्लादेश पर सख्त दबाव बनाए और यदि वह नहीं मानता है तो 1971 की तरह निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है।
किसानों के मुद्दे पर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि राष्ट्रीय किसान परिषद किसानों को उनकी फसल का सी-2 लागत के आधार पर डेढ़ गुना मूल्य दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लगभग एक करोड़ हिंदू परिवार अचानक बीमारी आने से कर्ज में डूब जाते हैं, इसलिए परिषद का लक्ष्य ऐसे परिवारों को रोगमुक्त रखने के लिए घर-घर जाकर प्रशिक्षण देना है।
महिला सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे स्वयं अपनी रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, सस्ती शिक्षा उपलब्ध होगी और बहन-बेटियां सुरक्षित होंगी, तभी सच्चे अर्थों में हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना साकार होगी।
प्रयागराज के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्नान के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं का सम्मान के साथ स्नान कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। योगी जी के राज्य में सन्यासियों और यात्रियों का सम्मान होगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि ढाई हजार वर्ष पूर्व आदि जगदगुरु शंकराचार्य ने जो परंपराएं स्थापित कीं, वही आज भी मार्गदर्शक हैं और परंपरा ही कानून है।
काशी के कोतवाल कालभैरव का उल्लेख करते हुए डॉ. तोगड़िया ने कहा कि कालभैरव धर्म के रक्षक हैं। जो धर्म के मार्ग पर चलता है उसे आशीर्वाद मिलता है और जो अधर्म करता है उसे दंड। उन्हें पूरा विश्वास है कि कालभैरव न्याय अवश्य करेंगे, क्योंकि काशी में उनसे बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है।

