धूमधाम से मनाया गया जश्ने मेराजुन्नबी, कौमी एकजुटता का दिया संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद बाबूसिंह कुशवाहा तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी कलीम गौसी शेख और पूर्व विधायक नदीम जावेद रहे। इसके अलावा व्यापारी नेता श्रवण जायसवाल, निखिलेश सिंह, डॉ. शकील और मसूद मेहदी बतौर अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरान से हुई, जिसके बाद कारी महमूद ने नाते नबी पढ़ी। मौलाना वशीम अहमद शेरवानी ने तकरीर के माध्यम से जश्ने मेराजुन्नबी की अहमियत पर प्रकाश डाला।
सांसद बाबूसिंह कुशवाहा ने कहा कि जौनपुर की सबसे बड़ी खूबसूरती यहां की गंगा-जमुनी तहजीब है, जहां सभी धर्मों के लोग एक मंच पर साथ नजर आते हैं। यही आपसी भाईचारा जौनपुर की पहचान है। वहीं कलीम गौसी शेख ने कहा कि जौनपुर की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पूरे देश में दी जाती है, जिससे जिले का नाम रोशन होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनवारुल हक गुड्डू ने कहा कि अंजुमन, अखाड़ों और सजावट कमेटियों के सहयोग से पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया, जो सराहनीय है। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का सम्मान भी किया गया।
औलिया सीरत कमेटी के सदर शकील मुमताज और जनरल सेक्रेटरी शाहिद मंसूरी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। पूर्व विधायक अरशद खान ने बताया कि जुलूस परंपरागत रूप से औलिया मस्जिद से शुरू होकर अटाला मस्जिद पर जाकर संपन्न हुआ।
इस मौके पर कमेटी कन्वीनर सम्स तबरेज ने सभी अंजुमनों के पदाधिकारियों को माला पहनाकर धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में राजा नवाब, अंसार इदरीसी, फिरोज अहमद पप्पू, पूर्व सदर सद्दाम हुसैन, हफीज शाह, साजिद अलीम, सभासद शहनवाज मंजूर, हाजी इमरान, निजामुद्दीन अंसारी, जावेद अजीम, मो. फैज दोनू, नुरुद्दीन मंसूरी, अकरम मंसूरी, तबरेज शाह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन कमालुद्दीन अंसारी और सलमान शेख ने संयुक्त रूप से किया।

