धरती ने ओढ़ा पीत वसन,आज होगा सरस्वती पूजन, शुरू हो जायेंगी होलिका दहन की तैयारियां
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जौनपुर। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों से गुजरते हुए जिधर भी नजर जाती है सरसों के फूलों के पीलेपन से ऐसा महसूस होता है जैसे धरती ने पीली चादर ओढ़ रखी है।इस वर्ष मोंथा चक्रवात के चलते बारिश की नमी से ही ज्यादातर गेहूं और सरसों की फसल की बुआई एक साथ हुई है जिस कारण ज्यादातर खेतों में दोनों ही फसलों में एक रुपता है।पीले और हरे रंग के खेतों को देखकर मन मादकता और उल्लास से भर जाता है। प्रकृति का उमंग-तरंग भरा यह रुप देखकर ऋतु परिवर्तन की स्पष्ट आहट मिलने लगी है। मछलीशहर - वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा मछलीशहर -रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजरते समय जहां तक नजर जाती है चारों तरफ नजारा रंगीन ही दिखाई देता है। तहसील क्षेत्र के चौकी खुर्द,भटहर,भटेवरा, बामी, बटनहित,खरूआंवा,खजुरहट,महापुर,ऊंचगांव,तिलौरा,करौरा,चितांव, कुंवरपुर,गोधना,काछीडीह,नडार आदि गांवों में इस समय सरसों के फूलों से भरे खेत बहुत सुंदर लगते हैं।इन नजारों को देखकर लोग ऊर्जावान महसूस करने लग रहे हैं।आज ही घरों और विद्यालयों में ज्ञान, विद्या, और बुद्धि की देवी मां सरस्वती का पूजन भी होगा। तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों, कस्बों और स्थानीय बाजारों में जिस स्थान पर होलिका दहन होना है वहां रेड़ का पेड़ और उपले रखकर होलिका दहन के लिए घांस-फूस, लकड़ी आदि जुटाने का भी कार्यक्रम शुरू हो जायेगा जो होलिका दहन की रात तक जारी रहेगा।

