चन्दवक में आखिर कब लगेगी बड़े वाहनों पर रोक?
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जाम और सड़क हादसे को रोकने के लिये उठी मांग
बड़े वाहनों के प्रवेश के लिये निश्चित समय हो निर्धारित
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले एक हफ्ते में लगभग 4 से 5 लोग सड़क हादसे के शिकार हो चुके हैं जिससे जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है। आम लोगों की शासन-प्रशासन से मांग है कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता है जब तक इस मार्ग पर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे बीच बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा देना चाहिए जिससे अनावश्यक दुर्घटनाओं से निजात मिल सके।
साथ ही नौकरी और व्यापार के कार्य हेतु सफर कर रहे लोगों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना ना करना पड़े। समय—समय पर किसान नेता अजीत सिंह हो रहे दुर्घटनाओं को लेकर शासन/प्रशासन को पत्रक के माध्यम से अवगत कराते रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को चंदवक पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ओवरलोडिंग कई वाहनों को सीज कर गया। 16 किलोमीटर लंबे आधे-अधूरे राजमार्ग की बात करें तो स्थानीय किसान नेता अजीत सिंह की लम्बी लड़ाई के बाद एनएचआई लंबित पड़े किसानों के मुआवजा का भुगतान कर रही है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं।
प्रशासनिक ढील देने से बड़े वाहन का हो रहा आवागमन: राकेश अहीर
भारी वाहनों के रोकथाम के संबंध में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश अहीर ने कहा कि 16 किलोमीटर अधूरे सड़क निर्माण पर प्रशासन द्वारा ढील देने से ही बड़े वाहन का आवागमन हो रहा है। इसकी वजह से क्षेत्र में बढ रही सड़क दुर्घटनाओं से
देखते हुए बहुत जल्द ही जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से मिलकर पत्रक सौंपा जायेगा। साथ ही हो रही अनावश्यक दुर्घटनाओं के संबंध में भारी वाहनों के नो एंट्री की मांग करेंगे।
शासन-प्रशासन को इस समस्या पर अविलम्ब ध्यान देना चाहिए: डा. अवनीश
चंदवक से कनौरा तक लगने वाले जाम के कारण आए दिन लोगों को समस्याएं और एंबुलेंस जैसी गाड़ियाँ भी फंस जाने की वजह से जान जाने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को इस पर ध्यान देते हुए बड़े वाहन की नो एंट्री लगा देनी चाहिए जिससे फोर लेन न बनने तक इस भीषण जाम से नेपाल बॉर्डर से लेकर बनारस जाने वाले मरीजों को अपने जानमाल से हाथ न धोना पड़े।
शासन-प्रशासन का गैरजिम्मेदाराना रवैया जनमानस के लिए घातक: आरसी यादव
शिक्षाविद/वरिष्ठ साहित्यकार आरसी यादव ने कहा कि वाराणसी-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्व्यवस्थित यातायात व्यवस्था की वजह से ही बड़े पैमाने पर बड़े वाहनों का आवागमन हो रहा है जिसके अवांछनीय और अनिष्टकारी परिणाम प्रत्यक्ष रूप से जनमानस को ही भुगतना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन को अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्णतः ईमानदारी और सतर्कता से करनी चाहिए। शासन-प्रशासन को अति शीघ्र ही इस मार्ग पर बड़े वाहनों के आवागमन पर या तो रोक लगा देनी चाहिए या फिर उनके प्रवेश के लिए एक निश्चित समय निर्धारित कर देना चाहिए।
अतिशीघ्र उचित और प्रभावशाली कार्रवाई की है जरूरत: अजीत
जनहित को समस्याओं को उठाने क्षेत्र के चर्चित किसान नेता अजीत सिंह ने कहा कि जनमानस की जानमाल की रक्षा करना शासन-प्रशासन का यह नैतिक कर्तव्य है। इस दिशा में अतिशीघ्र उचित और प्रभावशाली कार्रवाई की जरूरत है। यदि निकट भविष्य में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं को ना रोका गया तो आक्रोशित जनमानस एकजुट होकर शासन-प्रशासन को ज्ञापनों के माध्यम से अपनी परेशानियों को शासन-प्रशासन के समक्ष रखकर अपनी नाराज़गी व्यक्त करेंगे।

