घरों में बन गई गुझिया और गुलाब जामुन, बच्चों की मौज
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जौनपुर। होली का त्योहार यानी खाने- पीने की मौज और रंग -गुलाल की बहार।होली के अवसर पर अनेक पकवानों को घर पर बनाने या बाजार से खरीदने का प्रचलन पुराना है लेकिन गुझिया इन सबमें सबसे अधिक लोकप्रिय है। होली पर गुझिया और गुलाब जामुन बनाने का काम सोमवार को ही पूरा हो चुका है। होलिका दहन और होली के बीच चंद्रगहण के चलते एक दिन का गैप हो गया है लेकिन जब घर में गुझिया और मिठाई तैयार हो तो बच्चे फिर कहा रुकने वाले।चूंकि इस समय शादी -विवाह का दौर चल रहा ऊपर से होली का त्योहार ऐसे में डेरी प्रोडक्ट की डिमांड पीक पर हैं। मांग और आपूर्ति में भारी अन्तर के चलते डेरी प्रोडक्ट की कीमतें आसमान छू रही हैं।ऐसे में मिलावट खोरों के लिए इस बार होली अच्छा अवसर चल रहा है। शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवारों में गुझिया को सीधे बाजार से लोग खरीदते हैं , इसके उलट जनपद के ग्रामीण इलाकों की ज्यादातर गृहिणियां अपने घर पर ही गुझिया और मिठाइयां घर पर ही तैयार कर ली हैं।ग्रामीण गृहिणियां पहले से ही चिप्स पापड़ तैयार कर ली हैं बुधवार को केवल उन्हें तलना शेष है। व्यंजनों की तैयारी के सम्बन्ध में विकास खंड मछलीशहर के गांव बामी की गृहणी प्रेमलता सिंह कहती हैं कि चंद्रगहण लगने और उससे पूर्व सूतक काल होने के कारण मंगलवार को पूरे दिन मिठाई और गुझिया बनाना उचित नहीं था ऐसे में यह काम सोमवार को ही पूरा कर लिया गया था।

