नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी को स्मरण कर इस अवसर पर मंगला आरती से पहले माँ शारदा का विशेष श्रृंगार किया गया। माता को लाल चुनरी और आभूषणों से सजाया गया, वहीं गेंदा और सफेद फूलों की सुंदर मालाओं से उनका अलौकिक रूप और निखर उठा। चारों ओर लटकती पुष्पमालाएं और दीपों की रोशनी ने मंदिर को दिव्यता से भर दिया।
श्रृंगार के साथ-साथ माता को भोग अर्पित किया गया, जिसमें फल, मिठाइयां और विभिन्न प्रकार के प्रसाद शामिल रहे। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक नारियल, फल और पुष्प अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
पुजारियों द्वारा विधि-विधान से आरती संपन्न कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के दौरान “जय माता दी” के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा। श्रद्धालुओं का मानना है कि नवरात्रि के इस दिन माँ शारदा की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के छठे दिन आयोजित इस भव्य श्रृंगार ने सभी भक्तों को भावविभोर कर दिया। मंदिर प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं सुचारू रखी गईं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे आयोजन ने धार्मिक उत्साह और आस्था का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।