गोपनीय पत्र वायरल होते ही सपा में मचा हड़कंप, जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली लगा सवालिया निशान
जौनपुर। समाजवादी पार्टी में उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा गया एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि यह गोपनीय पत्र सार्वजनिक होना कही न कही जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
पार्टी के सूत्रों के मुताबिक यह अत्यंत संवेदनशील मामला है, क्योंकि ऐसे गोपनीय पत्रों की जानकारी सीमित स्तर पर—केवल जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव तक ही रहती है। इसके बावजूद पत्र का सार्वजनिक होना कहीं न कहीं संगठन के भीतर से ही लीक की ओर इशारा करता है। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या स्पष्ट किया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उधर, इस प्रकरण को लेकर जब केराकत विधायक तूफानी सरोज से shirazehind.com ने बात की, तो उन्होंने कहा कि आप उन्हीं से बात करिए जिसने पत्र लिखा है इससे मेरा कोई मतलब नहीं है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद सपा संगठन में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है, जिससे पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
मालूम हो कि बीते 15 मार्च को राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जिला मुख्यालय पर बहुजन नायक कांशीराम की 92वीं जयंती के आयोजन किया गया था, जिले विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी के पदाधिकारियों समेत भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की थी लेकिन केराकत विधायक तूफानी सरोज,केराकत विधानसभा अध्यक्ष ने अलग से कार्यक्रम आयोजित किया था।
इसी को लेकर पार्टी के भीतर दो धड़े बन गए, जिसका मामला सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंच गया है।

