पराविधिक स्वयंसेवकों को मिला विधिक ज्ञान का प्रशिक्षण
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रीति श्रीवास्तव सहित अन्य अपर जनपद न्यायाधीशगण एवं न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि पराविधिक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी भूमिका न केवल विधिक सहायता उपलब्ध कराने में बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी अहम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनकर कार्य करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उपयोगी जानकारी साझा की। बाल संरक्षण अधिकारी के माध्यम से समाज कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग की योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन व अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्थायी लोक अदालत के सदस्य विजय शंकर श्रीवास्तव ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली समझाई, वहीं सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव ने श्रमिकों के अधिकारों एवं योजनाओं पर प्रकाश डाला।
मध्यस्थ संजय उपाध्याय एडवोकेट व मनोज वर्मा ने निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, सुलह एवं मध्यस्थता प्रक्रिया तथा जनजागरूकता अभियानों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा एलएडीसीएस के तहत मिलने वाली मुफ्त विधिक सहायता के बारे में प्रकाश तिवारी व अनुराग चौधरी ने प्रतिभागियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप सिंह, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने किया, जबकि अंत में सचिव जिला प्राधिकरण सुशील सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

