जीपीएफ, एनपीएस और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर गरजे शिक्षक, डीआईओएस दफ्तर पर हंगामेदार धरना
जौनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर आयोजित एकदिवसीय धरना जिला अध्यक्ष प्रमोद सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। धरने में सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
धरने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि 1 अप्रैल 2025 से एनपीएस से ओपीएस में गए शिक्षकों के जीपीएफ खातों में कटौती की राशि अब तक स्थानांतरित नहीं की गई है, जबकि शासन द्वारा 31 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय और विभागीय स्तर पर इस मामले में उदासीनता बरती जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एनपीएस से जुड़े शिक्षकों के खातों में राशि का अंतरण कई-कई महीनों तक लंबित रहता है, जिसे तत्काल अपडेट किया जाना चाहिए। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन केंद्रों पर जलपान मानदेय में अनियमितता, ग्रीष्मकालीन अवकाश में जनगणना ड्यूटी लगाए जाने तथा सिटीजन चार्टर लागू न होने जैसे मुद्दों पर भी शिक्षकों ने नाराजगी जताई।
संगठन ने मांग की कि जनगणना ड्यूटी के बदले शिक्षकों को 40 दिन का अर्जित अवकाश तत्काल घोषित किया जाए।
प्रांतीय उपाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने कहा कि जनपद में शिक्षकों की स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और कार्यालयों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन आगे और उग्र आंदोलन करेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
जिलामंत्री दिनेश चक्रवर्ती ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञापन की एक प्रति जिलाधिकारी को भी सौंपी जाएगी।
धरने में जयप्रकाश सिंह, रामप्रकाश सिंह, प्रवीण पांडेय, विजय सिंह यादव, रामप्रताप विश्वकर्मा, डॉ. सुनील सिंह, अवधेश सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

