गुरुवार को अकीदत के साथ मनाई जाएगी बकरीद, ईदगाहों व इमामबाड़ों में होगी नमाज
जौनपुर। मुस्लिम समुदाय का पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को जिले भर में पूरी अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कुर्बानी के इस त्योहार को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ईदगाहों, मस्जिदों और इमामबाड़ों में नमाज अदा करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
नगर के नवाब साहब के हाथा स्थित बकरा मंडी में देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। इस बार मंडी में सात हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के बकरे बिके। बकरों के दाम अधिक होने के बावजूद लोगों ने धार्मिक आस्था के चलते खरीदारी की।
मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुसार बकरीद का पर्व पैगंबर हज़रत इब्राहिम की महान कुर्बानी और अल्लाह के प्रति अटूट समर्पण की याद में मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्रिय वस्तु की कुर्बानी मांगी थी। अल्लाह के हुक्म का पालन करते हुए वह अपने पुत्र हज़रत इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे, लेकिन उनकी आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने हज़रत इस्माइल की जगह दुंबे की कुर्बानी स्वीकार कर ली। इसी घटना की याद में मुसलमान बकरीद पर जायज जानवरों की कुर्बानी देते हैं।
शिया समुदाय के मौलाना महफूजुल हसन खान ने बताया कि ईद-उल-अजहा की नमाज सदर इमामबाड़ा स्थित ईदगाह में सुबह नौ बजे अदा कराई जाएगी। वहीं हुसैनिया नकी फाटक में मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी नमाज पढ़ाएंगे। बलुआघाट स्थित हाजी मोहम्मद अली खां के इमामबाड़े में मौलाना फजले मुमताज खान सुबह साढ़े आठ बजे नमाज अदा कराएंगे।
सुन्नी समुदाय की ओर से शाही ईदगाह में हज़रत मौलाना अब्दुज़ ज़ाहिर सिद्दीकी सुबह 8:15 बजे नमाज अदा कराएंगे। वहीं शाही बड़ी मस्जिद में मौलाना अनस कासमी नमाज पढ़ाएंगे। त्योहार को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

