दो महीने जिंदगी से जंग लड़ने के बाद हार गए प्रेमचंद, गोलीकांड के घायल सीएससी संचालक की मौत
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के गोसाईपुर गांव में मार्च माह में बदमाशों की गोली का शिकार हुए सहज जन सेवा केंद्र संचालक प्रेमचंद यादव ने आखिरकार बुधवार को बीएचयू ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया। करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद उनकी मौत की खबर से गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जाता है कि प्रेमचंद यादव गांव के बाजार में सहज जन सेवा केंद्र संचालित करते थे। बीती 11 मार्च की रात करीब नौ बजे वह अपना केंद्र बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। अभी वह गांव से लगभग आधा किलोमीटर दूर पहुंचे ही थे कि बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और गोली मार दी। गोली लगते ही वह जान बचाने के लिए बाइक, बैग और उसमें रखे कागजात व मोबाइल छोड़कर पास की ब्राह्मण बस्ती की ओर भागे।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
गौरतलब है कि घटना के अगले ही दिन 12 मार्च को पुलिस और बदमाशों के बीच बेलाव घाट पुल के पास मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान आदर्श यादव उर्फ अलगू यादव निवासी बसवत थाना गौराबादशाहपुर के पैर में गोली लगी थी। वहीं अमन यादव निवासी बगथरी तथा दिवाकर गौतम निवासी सकरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से लूटी गई बाइक, दो मोबाइल फोन, 27 हजार रुपये नकद, एक पिस्टल, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए थे। जबकि घटना का मुख्य आरोपी अनुराग यादव निवासी अहन, केराकत अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही

