“ममता को सलाम: दिव्यांग बच्चों की माताओं के सम्मान में जौनपुर में भावनाओं से भरा अनोखा समारोह”
जौनपुर। शहर के रूहट्टा स्थित दिव्यांग विद्यालय का वातावरण उस समय भावनाओं, सम्मान और संवेदनाओं से भर उठा, जब नोएडा की संस्था फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने “एक सम्मान मां के नाम” कार्यक्रम का आयोजन कर उन माताओं को नमन किया, जिनका जीवन अपने विशेष बच्चों की सेवा, संघर्ष और समर्पण की मिसाल है।
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद भावुक और प्रेरणादायक रही। विद्यालय के नेत्र बाधित छात्र आकाश विशाल आदर्श ने अपने मधुर स्वागत गीत से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा परिसर तालियों की गूंज से गूंज उठा।
प्रयागराज से पधारे मुख्य अतिथि डॉ. त्रिभुवन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “दिव्यांग बच्चे ‘विशेष’ होते हैं, लेकिन उनसे भी अधिक विशेष उनकी माताएं होती हैं।” उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि जहां एक ओर बच्चे अपनी सीमाओं से जूझते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी माताएं हर पल उनके साथ खड़ी रहकर उनसे भी ज्यादा संघर्ष करती हैं। “ऐसी माताओं का सम्मान करना समाज का कर्तव्य ही नहीं, बल्कि सौभाग्य भी है,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के दौरान फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने माताओं को बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने लाइव थेरेपी सेशन के जरिए बताया कि घर पर किस तरह सरल तरीकों से बच्चों की थेरेपी कर उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मां इस दुनिया की सबसे बड़ी योद्धा होती है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चे के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती है।”
इस अवसर पर माताओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर कई माताओं की आंखें छलक उठीं—यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके संघर्षों की सार्वजनिक सराहना थी।
फाउंडेशन द्वारा विद्यालय के लिए किए गए पूर्व सहयोग को भी याद किया गया। संस्था ने बच्चों की जरूरतों को समझते हुए कूलर, पंखे, वॉकर, व्हीलचेयर, नेत्र बाधित बच्चों के लिए छड़ी, ढोलक, पजल गेम्स और इलेक्ट्रॉनिक किताबें जैसी उपयोगी सामग्री भेंट की थी। संस्था ने भविष्य में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम की एक खास झलक तब देखने को मिली जब फाउंडेशन से जुड़े दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाए गए ऑर्गेनिक हैंडवॉश वितरित किए गए। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ये बच्चे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने हुनर से जीवन यापन कर सकते हैं। वहीं, संस्था के सदस्यों ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन कराकर स्नेह और अपनत्व का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
राजेश स्नेह ट्रस्ट ऑफ एजुकेशन के प्रबंधक डॉ. राजेश कुमार और उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। विशेष शिक्षिका हेमू वर्मा ने आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन दीपक सिंह ने किया।
इस भावनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन में किरण, डॉ. ए.के. सिंह, माधुरी सिंह, अगम यादव, राहुल सिंह, संगीत शिक्षक राहुल पाठक, सविता पाठक, शरद साहू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि सच्चा सम्मान वही है, जो दिल से दिया जाए—और “एक सम्मान मां के नाम” ने उन अनमोल माताओं को वह पहचान दी, जिसकी वे हकदार हैं।

