हाईकोर्ट सख्त: जौनपुर के आपराधिक मामले में कार्यवाही पर लगायी रोक
https://www.shirazehind.com/2026/05/blog-post_78.html
जौनपुर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जौनपुर के एक आपराधिक मामले में हस्तक्षेप करते हुये निचली अदालत में लम्बित कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नन्दप्रभा शुक्ला की पीठ ने रोहित राय उर्फ रोहित यादव द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया।बता दें कि याचिकाकर्ता रोहित राय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उन्होंने एसीजेएम प्रथम कोर्ट नम्बर 12 जौनपुर के समक्ष लंबित केस संख्या 571/2025 की पूरी कार्यवाही और वर्ष 2017 में दाखिल की गयी चार्जशीट को रद्द करने की मांग की है। यह मामला आईपीसी की धारा 323, 504 और 506 के तहत थाना जलालपुर, जनपद जौनपुर में दर्ज किया गया था।
अधिवक्ताओं के तर्क
आवेदक की ओर से विद्वान अधिवक्ता रानू जायसवाल एवं शशिशेखर मौर्य ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने दलील दी कि आवेदक शिकायतकर्ता के पति का मित्र है और उसका परिवार से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है, इसलिये उसके विरुद्ध अपराध का कोई मामला नहीं बनता है।
कोर्ट का निर्देश
अदालत ने मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित आदेश जारी किये। कार्यवाही पर रोक: कोर्ट ने निर्देश दिया कि जलालपुर थाने से जुड़े इस केस की पूरी कार्यवाही अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। नोटिस और जवाब: न्यायालय ने विपक्षी संख्या 2 को नोटिस जारी करते हुये राज्य सरकार और अन्य विपक्षी पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा मांगा है। अगली तिथि: मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को तय की गयी है। यह आदेश 23 अप्रैल को न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला द्वारा दिया गया।

