डीएम का ताबड़तोड़ एक्शन: बीडीओ पर निलंबन की तलवार, एडीओ पर भी गिरी गाज
मुफ्तीगंज ब्लॉक के औचक निरीक्षण में खुली विकास विभाग की पोल, गंदगी से लेकर योजनाओं तक हर मोर्चे पर मिली भारी लापरवाही
जौनपुर। जिले के नए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक मशीनरी को सख्त संदेश दे दिया है। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के साथ खंड विकास कार्यालय मुफ्तीगंज के आकस्मिक निरीक्षण में भारी अनियमितताएं और लापरवाही सामने आने पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट जारी कर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए, जबकि एडीओ आईएसबी के निलंबन की संस्तुति और वेतन रोकने का आदेश भी जारी कर दिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जब खंड विकास अधिकारी से विकास योजनाओं की प्रगति और क्षेत्र भ्रमण से संबंधित अभिलेख मांगे तो वह कोई संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके। न तो अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही क्षेत्र भ्रमण का कोई रिकॉर्ड दिखाया जा सका। इस लापरवाही पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
जांच में सामने आया कि विकासखंड परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी है। वहीं निर्माणाधीन मीटिंग हॉल का कार्य भी ठप मिला। जब अधिकारियों से जानकारी मांगी गई तो वे अनभिज्ञ नजर आए। ब्लॉक परिसर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं मिली। इतना ही नहीं, क्षेत्र में कितनी बोरिंग चालू हैं और कितनी खराब, इसकी भी कोई जानकारी अधिकारियों के पास नहीं थी।
मनरेगा योजनाओं की समीक्षा के दौरान भी हालात बदतर मिले। जॉब कार्ड, मानव दिवस सृजन और रोजगार से जुड़ी जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। कार्यालय परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी ने भी प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी।
डीएम ने एडीओ पंचायत से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और आरआरसी से संबंधित जानकारी मांगी, लेकिन वे भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्हें स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एडीओ आईएसबी द्वारा विभागीय योजनाओं की सही जानकारी न देने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके निलंबन की संस्तुति और अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने के निर्देश जारी किए।
आईजीआरएस पटल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि शासन स्तर से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मनरेगा सेल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिक से अधिक पात्र लोगों को रोजगार से जोड़ने और योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजिका की जांच करते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचने तथा सौंपे गए दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारा जाए। ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सीधे कठोर कार्रवाई तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

