चक्रवाती तूफान का कहर: सैकड़ों पेड़ गिरे, 20 घण्टे बाद आवागमन हुआ बहाल

 बिजली संकट से दर्जनों गांव बेहाल, विभाग युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटा

सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के आस—पास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार की रात आए भीषण चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं और आंधी के कारण सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गये, दर्जनों बिजली के खंभे टूट गए तथा कई गांवों में मकानों और पशुशालाओं के टिनशेड एवं छप्पर उड़ गए। तूफान का सबसे अधिक असर जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग कयार देखने को मिला जहां सड़क पर कई बड़े पेड़ गिर जाने से लगभग 20 घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार को पेड़ों को हटाकर मार्ग को दोबारा चालू कराया जा सका। मंगलवार रात करीब 9 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ चक्रवाती तूफान शुरू हो गया। कुछ ही देर में तेज हवाओं ने विकराल रूप धारण कर लिया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई पुराने और विशाल पेड़ जड़ समेत उखड़कर सड़कों, खेतों और मकानों पर गिर पड़े। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग पर लगा वाहनों का लम्बा जाम

तूफान के दौरान सरायख्वाजा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग पर कयार शारदा सहायक नहर पुल के दोनों ओर आधा दर्जन से अधिक बड़े पेड़ गिर गए। सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो जाने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। रात के समय कई यात्री घंटों सड़क पर फंसे रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि छोटे-बड़े वाहन आगे नहीं बढ़ सके। कई वाहन चालकों को मजबूरी में लगभग 4 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। चक्रवर्ती तूफान के कारण दर्जनों गांव कोइरीडीहा के प्रसाद के पूरा, मेहरवां, कयार, जमुहाई, गांव में दो दर्जन से अधिक बिजली के पोल गिर जाने से 20 घंटे बाद भी बिजली बाहर नहीं हो सकी। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने युद्ध स्तर पर बिजली बहाल करने के लिए कार्य कर रहे हैं। नया बिजली का पोल मंगा करके कार्य चालू कराया जा रहा है। बिजली विभाग की कर्मचारियों का कहना है कि जल्द से जल्द नए पोल लगाकर बिजली चालू कर दिया जाएगा। भीषण गर्मी के कारण दो दर्जन से अधिक गांव में बिजली ने सप्लाई न होने से उपभोक्ताओं को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है।

चक्रवर्ती तूफान में घर का इकलौता चिराग बुझा

सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात तेज आंधी तूफान में पक्का मकान गिर गया जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने मौके पर निजी स्वास्थ्य केंद्र ले गये जहां चिकित्सकों ने मृतक घोषित कर दिया। घर का इकलौता चिराग बुझ गया। जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार कौड़िया मुंडेला गांव निवासी कमलेश यादव का पुत्र किशन यादव 15 वर्ष रात में करकट के मकान में सो रहा था कि तेज आंधी तूफान आने से पूरा गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया जिसमें किशन गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन—फानन में परिजन निजी स्वास्थ्य केंद्र ले गये जहां चिकित्सकों ने मृत्यु घोषित कर दिया। सूचना मिलते हैं। परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन पुलिस को बिना सूचना दिये शव का अन्तिम संस्कार कर दिये। मृतक दो बहन में घर का इकलौता चिराग था। मां रोते—रोते बेसुध हो जा रही है। पिता खेती-बाड़ी करके घर चलाते हैं। इकलौते पुत्र की मौत हो जाने के बाद पिता कमलेश यादव और दादा—दादी का रो—रो कर बुरा हाल हो गया है। ढांढस बंधाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।



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