जमीन विवाद में रची गई थी प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या की साजिश, मुख्य साजिशकर्ता समेत दो गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जमीन के विवाद और लगातार मुकदमेबाजी से परेशान होकर आरोपी ने सुपारी देकर संदीप सिंह की हत्या कराई थी। हत्या के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय किया गया था और शूटरों को रेकी से लेकर बाइक उपलब्ध कराने तक की पूरी व्यवस्था की गई थी।
एसटीएफ और पीजीआई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को इस मामले का खुलासा करते हुए दिनेश कुमार यादव निवासी अंबेडकरनगर (हाल निवासी काकोरी, लखनऊ) तथा उसके सहयोगी मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे से एक फर्जी नंबर प्लेट, 3300 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गौरतलब है कि 27 मई 2026 को पीजीआई थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में पीजीआई थाने में मुकदमा संख्या 291/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ की कई टीमों को लगाया गया था।
एसटीएफ को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल आरोपी डलौना अंडरपास के नीचे सर्विस लेन से गुजरने वाला है। सूचना पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी कर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसके खुलासे के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में मुबीन ने बताया कि वह वर्ष 2016 से दिनेश यादव की गाड़ी चलाता था। दिनेश यादव प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसका संदीप सिंह के साथ समदा क्षेत्र की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। संदीप सिंह द्वारा लगातार मुकदमे और शिकायतें किए जाने से दिनेश यादव नाराज और परेशान था।
मुबीन के मुताबिक, इसी दौरान दिनेश यादव ने कहा कि अब संदीप सिंह को रास्ते से हटाना पड़ेगा। इसके बाद उसने एक व्यक्ति से संपर्क कर हत्या के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय किया। दो शूटर बुलाए गए और उनके रहने की व्यवस्था लखनऊ में कराई गई।
जांच में सामने आया कि शूटरों को संदीप सिंह के आने-जाने का पूरा रूट दिखाया गया था। हत्या को अंजाम देने के लिए एक सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी गई। बाइक पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई और कई दिनों तक रेकी की गई। पूरी तैयारी के बाद 27 मई को शूटरों ने संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
हत्या वाले दिन दिनेश यादव और मुबीन ने खुद को घटनास्थल से दूर रखने की भी योजना बनाई थी, ताकि उन पर शक न हो। घटना के बाद शूटरों ने फोन कर हत्या की जानकारी दी थी।
एसटीएफ के अनुसार, हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और शूटरों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिनेश कुमार यादव के खिलाफ लखनऊ और अंबेडकरनगर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में नौ मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। संदीप सिंह हत्याकांड के खुलासे को एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने घटना के महज चार दिन के भीतर साजिश की परतें खोलते हुए मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

