इमाम हुसैन की शहादत ने इंसानी समाज को कुर्बानी, करूणा एवं दया का दिया पैगाम: मौलाना
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जौनपुर। नगर के मस्जिद चहारसू रौज़ा मख़्दूम शाह अढहन में शेख़ नूरुल हसन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा मजलिसे हज़रत इमाम हुसैन अलै. की याद में बाद नमाज़े मग़रिबैन मजलिस की गयी। नमाज़े मग़रिबैन की इमामत हुज्जतुल इस्लाम मौलाना आबिद आग़ा खां नजफी सुल्तानपुरी ने की। मजलिस को हुज्जत उल इस्लाम मौलाना सैय्यद इफ्तेखार अली जाफरी पूना महाराष्ट्र ने खिताब करते हुए हज़रत फात्मा (स.अ) को अल्लाह ने फज़ीलत दी। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलै. की कर्बला में दी गयी शहादत ने इन्सानी समाज में कुर्बानी, दया, करुणा का पैग़ाम दिया। इमाम हुसैन ने इन्सानियत के कल्याण के लिये अपने 72 साथियों के साथ कर्बला में शहादत पेश की। मौलाना इफ्तेखार जाफरी ने इमाम हुसैन अलै. की दस मोहर्रम को शहादत के हो जाने के बाद यज़ीदी फौज द्वारा उनके खानदान को गिरफ्तार करके कूफा और शाम सीरिया ले जाने पर किये गये ज़ुल्म की दास्तान पढ़ते हुये मसायब पढ़ें तो मोमनीन की आंखों अश्कबार हो गयीं।मजलिस में बदरू ज़मा बन्ने ने सोज़खानी की तो सैफ अब्बास ने पेशखानी की। अन्जुमन क़ासिमिया चहारसू के साहिबे ब्याज़ नईम हैदर मुन्ने ने नौहाखानी की। मजलिस के आयोजक शेख़ नूरुल हसन मेमोरियल ट्रस्ट के सेक्रेटरी/मैनेजर शेख़ अली मंज़र डेज़ी ने बताया कि यह तेरह मोहर्रम की मजलिस का 38वां दौर है। इस अवसर पर सैय्यद परवेज़ हसन नेता, तालिब रज़ा शकील एडवोकेट, तहसीन अब्बास सोनी, सैय्यद अहसन रिज़वी नजमी, सैय्यद असलम नक़वी, मोहम्मद जाफर, अब्बास नासिर रज़ा, डा. तक़वीम रज़ा राहिल, अफरोज हुसैनी, नासिर अब्बास एडवोकेट सहित तमाम लोग मौजूद थे।

