जौनपुर में स्कूली वाहनों पर सख्ती, दो दिन में 15 बसें सीज, 32 का चालान
'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत एआरटीओ की कार्रवाई, बिना फिटनेस-परमिट चलने वाले वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जौनपुर। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान जारी है। अभियान के दूसरे दिन फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 15 स्कूली बसों को सीज कर दिया, जबकि 32 वाहनों का चालान किया गया।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सत्येंद्र कुमार सिंह एवं यात्री/मालकर अधिकारी ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों की बसों की जांच की। जांच के दौरान कई बसों के पास वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। ऐसे वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया, जबकि अन्य नियम उल्लंघन करने वाली बसों का चालान किया गया।
एआरटीओ (प्रवर्तन) ने स्पष्ट किया कि जिन स्कूली वाहनों के पास वैध फिटनेस, परमिट या निर्धारित सुरक्षा उपकरण नहीं होंगे, उनके विरुद्ध सीज की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और वाहन स्वामियों से अपील की कि जिन वाहनों की फिटनेस या परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है, वे तत्काल उसका नवीनीकरण करा लें। बिना वैध परमिट या फिटनेस के संचालित वाहनों के विरुद्ध चालान और निरुद्ध (सीज) की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अभियान के दौरान अनाधिकृत रूप से संचालित यात्री वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग ने चार यात्री बसों को थाने में सीज कराया, जबकि 11 अन्य यात्री बसों का चालान किया गया।
परिवहन विभाग ने बताया कि 15 जुलाई 2026 तक यह विशेष अभियान जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराना है।

