15 दिन के उपचार के बाद स्वस्थ हुए प्रभु जगन्नाथ, चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा
जौनपुर। भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा के 15 दिवसीय 'अनसर' (अस्वस्थता) काल का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ। आषाढ़ कृष्ण अमावस्या के अवसर पर श्री जगन्नाथ धाम रासमंडल में जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों ने परंपरा के अनुसार भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने प्रभु के स्वस्थ होने की घोषणा की, जिसके बाद अब 16 जुलाई को भगवान भव्य रथयात्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलकर भक्तों को दर्शन देंगे।श्री जगन्नाथ धाम रासमंडल के डॉ. रजनीकांत द्विवेदी ने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के स्नान उत्सव में अधिक स्नान के कारण भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक ज्वर से पीड़ित माने जाते हैं। इस अवधि में मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहे और प्रतिदिन प्रभु को विभिन्न औषधीय तत्वों से युक्त काढ़े का भोग अर्पित कर उनकी सेवा की जाती रही।
मंगलवार को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव, डॉ. स्मिता श्रीवास्तव, डॉ. अजीत कपूर, डॉ. अशोक अस्थाना, डॉ. शैलेश कुमार सिंह, डॉ. आलोक यादव एवं डॉ. स्वाती यादव ने पारंपरिक विधि से भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को प्रभु को परवल के जूस का भोग अर्पित किया जाएगा, जबकि 16 जुलाई को राजसी खिचड़ी का प्रसाद अर्पित करने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। इसी भव्य आयोजन को रथयात्रा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मुख्य अर्चक पंडित दिनेश चंद्र द्विवेदी, रथयात्रा समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह 'रानू', कोषाध्यक्ष शिवशंकर साहू, महामंत्री राजेश गुप्ता, निशाकांत द्विवेदी, प्रबंधक सीए संजय गुप्ता, रत्नेश सिंह, संतोष गुप्ता, दिनेश राय, दयाशंकर निगम, दिनेश प्रकाश कपूर, मनोज मिश्रा, नीरज श्रीवास्तव, आशुतोष मिश्रा सहित मंदिर से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

