जीवात्मा का परमात्मा से मिलन कराने वाला ही सच्चा सद्गुरु: सीताराम नाम शरण
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चौकियां धाम, जौनपुर। मां शीतला चौकियां धाम में गुरू पूर्णिमा पर हज़ारों शिष्यों ने अपने गुरु को माल्यार्पण करते हुये अंगवस्त्र के साथ चरण—पूजन एवं वन्दन किया। वहीं महिलाएं गुरु के प्रति प्रेम भक्ति का मंगलगायन भजन कीर्तन करती हुई नज़र आयीं। इस मौके पर तमाम लोगों ने गुरुदीक्षा भी लिया। सीताराम नाम शरण जी महराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु दीक्षा प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम और पवित्र माना जाता है, क्योंकि इस दिन ब्रह्मांड में ऐसी ऊर्जा होती है जो मन को शांत और ग्रहणशील बनाती है। गुरु अपने मंत्र और स्पर्श से शिष्य के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा जगाते हैं। दीक्षा से जीवन में अनुशासन, भक्ति और सही ज्ञान का मार्ग मिलता है। सद्गुरु वह महान मार्गदर्शक हैं जो जीवात्मा को परमात्मा से मिलाते हैं। अज्ञान का अंधकार मिटाते हैं और सही साधना का मार्ग दिखाते हैं। मन का भ्रम दूर करके सत्य का बोध कराते हैं।भक्ति और साधना का सही रास्ता समझाते हैं। सद्गुरु जीव को इस संसार के बंधनों से मुक्त करते हैं। गुरु मंत्र के लिए गुरु पूर्णिमा उत्तम दिन माना जाता है। अंत में हजारों की संख्या में महिलाओं पुरुष शिष्यों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, राहुल तिवारी, कृपाशंकर पाठक, बैकुंठ चौबे, आशीष गुप्ता, आशीष माली, सुरेन्द्र माली, विवेकानंद पंडा, मनीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार डा. मधुकर तिवारी समेत तमाम महिला पुरुष मौजूद रहे।

