दीवार पर लिखा ‘स्वच्छता का संदेश’, ठीक सामने कचरे का अंबार!
प्राथमिक विद्यालय की दीवार बनी स्वच्छता का आईना, लेकिन सामने पसरी गंदगी ने खोल दी व्यवस्था की पोल
जौनपुर। एक तरफ दीवार पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘स्वच्छता’ का संदेश, तो दूसरी तरफ उसी संदेश के ठीक सामने पड़ा कूड़े-कचरे का ढेर। यह नजारा नगर पंचायत कजगांव में सरकारी स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत बयां करने के लिए काफी है। खास बात यह है कि गंदगी का यह अंबार प्राथमिक विद्यालय की बाहरी दीवार के ठीक सामने लगा है, जहां रोजाना नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं।नगर पंचायत कार्यालय के ठीक बगल स्थित प्राथमिक विद्यालय की बाहरी दीवार पर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए संदेश लिखा गया है। लेकिन विडंबना देखिए कि स्वच्छता का संदेश देने वाली इसी दीवार के सामने कूड़ा-कचरा फेंक दिया गया है। कचरे के ढेर से आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।
स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए दीवारों पर संदेश लिखे जा रहे हैं, अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन यहां व्यवस्था का विरोधाभास साफ दिखाई दे रहा है। जिस दीवार से स्वच्छ रहने की सीख दी जा रही है, उसी के सामने गंदगी बिखरी पड़ी है। इससे न केवल स्वच्छता अभियान की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि जिम्मेदारों की निगरानी व्यवस्था भी कठघरे में है।
विद्यालय आने वाले बच्चों और आसपास के लोगों को इसी गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। कूड़ा जमा होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमर बहादुर यादव ने बताया कि विद्यालय के आसपास सफाई की समस्या से नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से विद्यालय के सामने तत्काल जमा कूड़ा-कचरा हटवाने और नियमित सफाई कराने की मांग की है।
विडंबना यही है कि दीवार लोगों से कह रही है—‘स्वच्छता अपनाइए’, लेकिन उसके ठीक सामने पड़ा कूड़ा मानो पूछ रहा हो—‘पहले मुझे कौन हटाएगा?’

