जौनपुर के लाल ने फिर बढ़ाया जिले का मान, डॉ. अंकित कुमार श्रीवास्तव को मिला पेटेंट
इस तकनीक में सौर ऊर्जा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सेंसर और स्वचालित नियंत्रण प्रणाली का समन्वय किया गया है। इसके माध्यम से अपशिष्ट जल के विभिन्न मानकों की निगरानी और उपचार प्रक्रिया को स्मार्ट, स्वचालित तथा ऊर्जा-कुशल बनाने की दिशा में तकनीकी समाधान विकसित किया गया है। सौर ऊर्जा आधारित यह प्रणाली अपशिष्ट जल उपचार के क्षेत्र में सतत और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस पेटेंट में डॉ. अंकित कुमार श्रीवास्तव के साथ डॉ. सौरभ मणि त्रिपाठी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. अभय कुमार अग्रवाल, श्री संदीप कुमार, डॉ. हर्ष विक्रम सिंह, डॉ. सोम पाल गंगवार एवं डॉ. रुचिन अग्रवाल सह-आविष्कारक हैं।
कोविड काल में भी किया था महत्वपूर्ण शोध
डॉ. अंकित कुमार श्रीवास्तव इससे पहले भी तकनीकी और मशीन लर्निंग आधारित शोध कार्यों से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने मशीन लर्निंग तकनीक के माध्यम से कोरोना संक्रमण के पूर्वानुमान से संबंधित शोध कार्य किया था। उनके इस शोध कार्य की व्यापक चर्चा हुई थी और इसके माध्यम से उन्होंने जौनपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
वर्तमान में भी डॉ. श्रीवास्तव मशीन लर्निंग, पूर्वानुमान तकनीक, IoT, स्मार्ट ऊर्जा प्रणाली और सतत तकनीकी समाधान जैसे क्षेत्रों में लगातार शोध एवं नवाचार कर रहे हैं। नई पेटेंट उपलब्धि उनकी इसी शोध यात्रा की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।
अपनी उपलब्धि पर डॉ. अंकित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, सहकर्मियों एवं सहयोगियों को देते हैं। उनके मार्गदर्शन, आशीर्वाद और निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।

