दौड़ना तो छोड़िये पैदल चलना भी मुश्किल है मछलीशहर के इस स्टेडियम में
जौनपुर। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के भटेवरा गांव स्थित मिनी स्टेडियम में इस समय घास फूस का जमावड़ा है। बड़ी- बड़ी घासों के बीच जमीन दिखती ही नहीं है।खेलने कूदने की बात दूर इस स्टेडियम में मैदान में घुसने पर भी विषैले जीव जंतुओं के डंसने का डर है।
यह स्थिति खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री मंत्री गिरीश चंद्र यादव के जनपद का है जो दीपक तले अंधेरा की कहावत चरितार्थ कर रहा है।इस स्टेडियम में पी आर डी के जवान बारी-बारी से आते हैं और ड्यूटी बजा कर चले जाते हैं।
चूंकि स्टेडियम ब्लाक स्तरीय है ऐसे में मछलीशहर विकास खंड के सैकड़ों की संख्या में कार्यरत ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की ग्रुप ड्यूटी लगाकर साफ-सफाई कराई जा सकती है। आखिर यह ब्लाक स्तरीय स्टेडियम है किसी गांव विशेष का खेल मैदान तो है नहीं। स्टेडियम के पश्चिमी तरफ की बाउंड्री वॉल धराशाई हो गई है।
स्टेडियम में भटेवरा,कठार, ऊंचडीह,बामी, चितांव आदि गांवों के नवयुवक और बच्चे खेल कूद के लिए आते हैं। स्टेडियम में खेल सामग्री भी रखी है जिसे मांगने पर पी आर डी के जवान देते हैं लेकिन बड़ा सवाल है कि बच्चे और युवा खेले तो कहां खेलें। स्टेडियम में ओपेन जिम भी है लेकिन स्टेडियम में झांड झंखाड को देखते हुए लोग ओपन जिम के लिए भी नहीं आते हैं।

